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स्मार्ट फोन के युग में भी यहां रेडियो का क्रेज

#World Radio Day# सेसईपुरा में 10 साल पहले स्थापित हुआ था सामुदायिक रेडियो स्टेशन, आदिवासी बोली में रेडियो पर 10 साल से गूंज रहे लोक संस्कृति के तराने

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स्मार्ट फोन के युग में भी यहां रेडियो का क्रेज

स्मार्ट फोन के युग में भी यहां रेडियो का क्रेज

श्योपुर,
आदिवासी समुदाय को उनकी ही बोली में मनोरंजन करने और शासन की योजनाओं से रूबरू कराने के लिए 10 साल पहले शुरू किए गए सेसईपुरा के सामुदायिक रेडियो का क्रेज आज के स्मार्टफोन के युग में भी बरकरार है। यही वजह है कि रेडियो पर बीते 10 सालों से आदिवासी बोली में गूंजते लोक संस्कृति के तराने आकर्षण का केंद्र बने हैं।

यही नहीं बीते दो साल में वन्या रेडियो ने आदिवासियों और प्रशासन के बीच एक सेतु का काम भी किया है। जिले के आदिवासियों को उनकी ही भाषा में मनोरंजक कार्यक्रमों के साथ ही शासन की योजनाओं से रूबरू कराने के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत वन्या रेडिया प्रकाशन द्वारा आदिवासी विकासखंड कराहल के सेसईपुरा में सामुदायिक रेडियो शुरू किया गया। वर्ष 2012 में समारोहपूर्वक शुभारंभ होने के बाद वन्या सामुदायिक रेडियो से सहरिया व अन्य जातियों के लिए उनकी ही भाषा मेें लोकसंस्कृति के तराने गूंज रहे हैं।

25 किलोमीटर तक है रेडियो की रेंज
सेसईपुरा हायरसेकेंडरी स्कूल परिसर में संचालित सामुदायिक रेडियो स्टेशन से 25 किलोमीटर की रेंज में प्रसारण पहुंचता है। रेडियो पर सुबह साढ़े छह बजे से सुबह साढ़े 11 बजे तक तथा शाम को 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक पांच-पांच घंटे का प्रसारण होता है, जिसमें आदिवासियों को उनकी ही भाषा में लोकगीत, संगीत, परिचर्चाएं, खेती किसानी, नाटक, शासन की योजनाओं की जानकारी आदि दी जाती है। रेडियो के प्रसारण को मोबाइल के एफएम के माध्यम से भी सुना जा सकता है।


इनका कहना है...
वन्या सामुदायिक रेडियो 10 साल का हो गया है और इस पर हम सुबह-शाम आदिवासी बोली में कार्यक्रम प्रसारित करते हैं, साथ ही शासन की योजनाओं की जानकारी दी जाती है।
एसपी भार्गव
प्रभारी सामुदायिक रेडियो सेसईपुरा