
हिमाचल: मुश्किल में पड़ सकते हैं मकान मालिक। जानिए क्यों
इस बाबत कांगड़ा के जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस की अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर होने वाली मासिक समीक्षा बैठक में बार-बार यह विषय सामने आ रहा है कि प्रवासी कामगारों और फेरी वालों का उचित पंजीकरण न होने के कारण पुलिस को उनसे संबंधित मामलों में छानबीन करने में समस्या आ रही है।
किरायेदार से सुरक्षा-कानून व्यवस्था की समस्या
बैठक में यह भी चिंता जाहिर की गई कि मकान मालिक कमरे तथा दुकान, ढाबा, कैफे आदि वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित करने के लिए किराए पर अपनी संपत्ति दे रहे हैं लेकिन पुलिस थाना में इन किराएदारों का उचित रिकॉर्ड जमा नहीं करवा रहे हैं। इसके चलते जिला में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके चलते अपराध से जुड़े मामलों में जांच करते समय पुलिस को भी मुश्किलें पेश आ रही हैं। अत: इन तमाम असामाजिक गतिविधियों को रोकने और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मकान मालिक, कारोबारी, ठेकेदार, झुग्गी बसाने के लिए अपनी भूमि देने वाले जमीन मालिकों को इसके लिए जिम्मेदार और जवाबदेह बनाया जाना आवश्यक है।
सात दिन में जमा कराएं रिकार्ड
इसलिए सभी संपत्ति मालिकों को अपना भवन या भूमि किराए पर देते हुए सात दिनों के भीतर किराएदार और उसके द्वारा संचालित की जाने वाली गतिविधियों की सूचना संबंधित पुलिस थाना में दर्ज करवानी होगी। इसके अलावा घरों और दुकानों में हेल्पर के रूप में रखे जाने वाले प्रवासी व्यक्तियों का ब्यौरा भी पुलिस थाने में जमा करवाना अनिवार्य होगा।
Published on:
18 Sept 2023 10:49 pm
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