
हिमाचल का सांस्कृतिक उत्सव बना लवी मेला
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का मिला दर्जा
राज्यपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही वर्ष 1985 में रामपुर लवी मेले को अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का दर्जा दिया गया था। उन्होंने मां भीमाकाली से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। शुक्ल ने लवी मेले की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेले में प्रदर्शित ऊनी वस्त्र, सूखे मेवे और अन्य पारंपरिक शिल्प और उत्पाद अद्वितीय हैं। मेले में पारंपरिक कारीगरों और किसानों को उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतरीन अवसर प्राप्त हुआ है।
मेला मैदान में प्रदर्शनियों का उद्घाटन
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर एक भारत, श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अन्तर्गत देश के सभी राज्यों के स्थापना दिवस को राज भवन में आयोजित किया जा रहा है, ताकि लोगों में आपसी प्रेम व सौहार्द की भावना को बढ़ाकर देश को एकता के सूत्र में पिरोया जा सके। राज्यपाल ने इससे पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा मेला मैदान में लगाई गई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया तथा इनमें गहरी रुचि दिखाई। इस अवसर पर राज्यपाल ने मेला समिति की ओर से अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2023 के लिए बनाए गए वीडियो टीजर का अनावरण किया। इससे पहले उपायुक्त एवं अंतरराष्ट्रीय लवी मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष आदित्य नेगी ने राज्यपाल का स्वागत किया और मेले के दौरान आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को सम्मानित किया।
लोकनृत्य दलों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
मेला अनेक संस्कृतियों का मिलन है। विभिन्न राज्यों से आए सांस्कृतिक दल एक ही मंच पर देश की विविध संस्कृति दर्शाते हुए अनेकता में एकता के मंत्र का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
कार्यक्रम में शिमला, मंडी तथा सिरमौर जिला के लोकनृत्य दलों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। रामपुर के विधायक नंदलाल, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रभा नेगी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, उपमंडलाधिकारी रामपुर निशांत तोमर सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित थे।
Published on:
12 Nov 2023 01:28 am
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