केंद्र का दावा: प्रदेश की खुलकर कर रहे मदद
इधर, केंद्रीय प्रसारण एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को दावा किया कि प्रदेश सरकार अभी तक पीडि़तों को नाममात्र राशि दे रही है। गौरतलब है कि नुकसान इतना ज्यादा है कि बहुत से लोगों के मकान गिर गए हैं या गिरने के कगार पर हैं।
कोलडैम में फंसे 10 लोगों को किया रेस्क्यू
हिमाचल प्रदेश के कोलडैम में फंसे वन विभाग के कर्मचारियों सहित 10 लोगों को नौ घंटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर लिया गया है। इस ऑपरेशन के दौरान उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी एनडीआरएफ की टीम के साथ मौजूद रहे। पानी में सिल्ट और लकडिय़ां काफी अधिक होने की वजह से यह सभी कर्मचारी नाव सहित डैम साइट में फंस गए और इनकी जान पर बन गई थी। इस दौरान रात को ही देर रात इन्हें रेस्क्यू करने के लिए अभियान शुरू किया गया। भारी बारिश की वजह से कोलडैम में काफी मात्रा में लकड़ी आ गई थी। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी अपने साथ कुछ लोग लेकर लकड़ी की जांच करने के लिए गए। इस दौरान डैम में काफी मात्रा में सिल्ट और लकड़ी के बीच इनकी नाव फंस गई। बाद में इन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।
सड़कों को पहुंचा नुकसान, पीएम कार्यालय को कराया अवगत
हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने प्रधानमंत्री कार्यालय को हिमाचल प्रदेश में हाल ही में भारी बारिश और भूस्खलन से प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को हुए नुकसान तथा अद्यतन स्थिति से अवगत करवाया। कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंडोह के समीप कैंचीमोड़ पर यातायात बंद है। मण्डी एवं कुल्लू जिला प्रशासन को सेब सीजन के दृष्टिगत वैकल्पिक मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए निर्देश जारी किए हैं। पठानकोट-मण्डी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्की पुल को यातायात के लिए बंद रखा है और नदी तट पर भू-क्षरण को लेकर राज्य सरकार पंजाब सरकार के साथ निरन्तर सम्पर्क में है, ताकि अंतरराज्यीय पुल को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके। इधर, धर्मपुर में जब तक सड़कें बहाल नहीं होती तब तक लोगों को राहत देने के लिए सरकार को टैक्सी हायर कर सुविधा देनी चाहिए और जल्द सड़कों को बहाल करना चाहिए।