
....तो नशे से मुक्त हो सकता है हिमाचल प्रदेश। कैसे जानिए...
सभी दवाइयों की दुकानों पर सीसीटीवी जरूरी
मीणा ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए उपमण्डल स्तर पर सम्बधिंत विभागों की समितियों का गठन किया जाएगा, इनके माध्यम से नशे पर पूर्ण रूप से अकुंश लगाया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि जिला की सभी दवाइयों की दुकानों पर सीसीटीवी लगाना सुनिश्चित करें, ताकि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर निगरानी रखी जा सके। उन्होंने बताया कि जिला के शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविरों के माध्यम से छात्रों को नशे के विरू़द्ध जागरूक किया जा रहा है।
वर्ष 2022 में दर्ज किए 79 मामले
उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2022 में 79 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2023 में 60.75 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 127 मामले दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2022 में हेरोइन 213.391 ग्राम, चरस 14.151 किलो ग्राम, अफीम 499 ग्राम, चूरा पोस्त 21.276 किलो ग्राम, गांजा 11.419 किलो ग्राम तथा नशीली दवाइयां पकड़ी गई। इस वर्ष में अभी तक हेरोइन 243.642 ग्राम, चरस 18.933 किलो ग्राम, अफीम 375.34 ग्राम, चूरा पोस्त 147.665 किलो ग्राम, गांजा 13.442 किलो ग्राम तथा अन्य प्रकार की नशीली दवाइयां भी पकड़ी गई। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर.वर्मा, सहायक आयुक्त विवेक शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय पाठक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
Published on:
09 Dec 2023 12:24 am
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