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आयुष चिकित्सक करेंगे एलोपैथी में इलाज

आईएमए ने जताया सरकार के बिल का विरोध  

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शिवपुरी. अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए अब सरकार ने एक नया बिल तैयार किया है, जिसके तहत आयुष चिकित्सक सिर्फ एक रजिस्ट्रेशन कराने के बाद एलोपैथी में इलाज कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इस बिल के पास होते ही सरकार अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए आयुष चिकित्सकों से एलोपैथी का इलाज कराएगी। सरकार के इस बिल का आईएमए ने विरोध किया है, आईएमए के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि इस बिल को हरी झंडी मिल गई तो इन्हें शिवपुरी जैसे जिला अस्पतालों में पदस्थ किया जाएगा, जहां पर कोई डॉक्टर आना ही नहीं चाहता।
जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर नेशनल मेडिकल कमीशन बिल तैयार किया है। इस बिल के पारित होते ही आयुष चिकित्सकों सहित अन्य गैर वैज्ञानिक पद्यतियों से इलाज करने वाले डॉक्टर एक ब्रिज कोर्स के बाद सामान्य रजिस्ट्रेशन के बाद एलोपैथी (मॉडर्न चिकित्सा) पद्यति में इलाज कर सकेंगे। बताया जा रहा है कि सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि जिला अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों के पदों को भरने के लिए आयुष डॉक्टरों को ब्रिज कोर्स करा कर पूरा किया जा सके। खास बात यह है कि बिल में एक प्रावधान किया गया है जिसके तहत पीजी कोर्स में भी आयुष डॉक्टरों के लिए सीट आरक्षित की जाएंगी। ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि आयुष चिकित्सक एलोपैथी पद्यति से किस प्रकार किडनी, लीवर और दिल का इलाज करेंगे? आईएमए ने सरकार के इस बिल पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। आईएमए के पदाधिकारियों का कहना है कि इस तरह से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सीधा सीधा खिलवाड़ किया जाएगा।
विदेशों से पढ़ाई कर भारत में करो प्रैक्टिस
इस बिल में यह भी प्रावधान किया गया है कि जो व्यक्ति विदेशों से चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई पूरी करके आएंगे वह बिना किसी पंजीयन और परीक्षा के भारत में किसी भी जगह प्रैक्टिस कर सकेंगे। आईएमए के पदाधिकारियों के अनुसार भारत में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान कुल 18 परीक्षा पास करने वाले व्यक्ति को पंजीयन के लिए एक परीक्षा देनी होती है। ऐसे में विदेश से पढ़ाई करके आने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की परीक्षा की बाध्यता न रख कर भी मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ के सिवाय और कुछ नहीं होगा।