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नगर पालिका परिषद की पहली बैठक में सीएमओ पर लगाया पार्षद ने आरोप

नगर पालिका परिषद की पहली बैठक में सीएमओ पर लगाया पार्षद ने आरोप ढाई महीने गंदा पानी पिलाकर खुद पीते रहे बिसलरी सांसद व विधायक प्रतिनिधि बनकर रामजी व भानू ने की भागीदारी

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नगर पालिका परिषद की पहली बैठक में सीएमओ पर लगाया पार्षद ने आरोप

नगर पालिका परिषद की पहली बैठक में सीएमओ पर लगाया पार्षद ने आरोप

नगर पालिका परिषद की पहली बैठक में सीएमओ पर लगाया पार्षद ने आरोप

ढाई महीने गंदा पानी पिलाकर खुद पीते रहे बिसलरी

सांसद व विधायक प्रतिनिधि बनकर रामजी व भानू ने की भागीदारी

शिवपुरी. शहर को ढाई महीने से गंदा पानी पिलाकर आप खुद बिसलरी का पानी पी रहे हो, जिसका खर्चा ही डेढ़ लाख रुपए किया गया। यह आरोप सोमवार को नगरपालिका परिषद की पहली बैठक में वार्ड 4 के पार्षद पप्पू गुप्ता ने नपा सीएमओ पर लगाया। इस पर वहां मौजूद सभी पार्षदों ने सहमति जताई। परिषद की बैठक से मीडिया को दूर रखने के फेर में नपा के जिम्मेदारों ने बाहर स्क्रीन लगाकर फिजूलखर्ची का बड़ा उदाहरण दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि परिषद की बैठक से कुछ समय पहले ही पार्षद पति भानू दुबे को जहां विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किया, तो वहीं उपाध्यक्ष पति रामजी व्यास को सांसद प्रतिनिधि बनकर बैठक में शामिल हुए। बैठक में पार्षदों से अधिक पूरे समय तक दोनों प्रतिनिधि ही बोलते रहे।

नगरपालिका परिषद की पहली बैठक सोमवार की सुबह 11 बजे से शुरू होनी थी, जिसमें एजेंडे के 46 बिंदुओं पर चर्चा होनी थी। मीटिंग हॉल के बाहर एक टैंट लगाकर उसमें बड़ी स्क्रीन लगाकर वहां कुर्सियां डाल दी गईं, ताकि महिला पार्षदों के पति व मीडिया को वहां से लाइव दिखाया जा सके। बैठक शुरू होने से पहले कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह भी पहुंचे तथा उन्होंने पार्षदों को समझाया कि एजेंडे पर किस तरह चर्चा की जाएगी। दोपहर लगभग 12 बजे बैठक जब शुरू हुई तो कई पार्षदों ने इस बात पर आपत्ति दर्ज कराई कि मीडिया को बैठक से बाहर क्यों रखा गया, लेकिन इसका सही जवाब न तो नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा दे पाईं और न ही सीएमओ ने इसका कारण बताया। महत्वपूर्ण बात यह है कि जब पार्षदों ने नगपालिका में हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए तो नपाध्यक्ष व सीएमओ यह कहकर पल्ला झाड़ते रहे कि पहले एजेंडे पर बात हो जाए, फिर इन मुद्दो पर चर्चा करेंगे। लेकिन बैठक खत्म होने के बाद किसी ने कोई चर्चा नहीं की और अपने वाहनों में सवार होकर निकल गए।

नपा परिषद बैठक की झलकियांचूंकि पार्षद पति को बैठक में एंट्री नहीं थी, इसलिए सुबह ही रामजी व्यास सांसद प्रतिनिधि बनकर तो भानू दुबे विधायक प्रतिनिधि नियुक्त होकर बैठक में शामिल हुए। बैठक में अधिकांश समय यह दोनों ही प्रतिनिधि बोलते रहे, जबकि इनकी पार्षद पत्नियां चुप्पी साधे रहीं।

कुछ पार्षदों ने जब शहर के मुद्दों पर चर्चा करते हुए भ्रष्टाचार के मामले उजागर किए तो नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा ने तल्ख लहजे में कहा कि आप लोग बैठक में एक-एक करके शांति से अपनी बात कहें, यह मेरी परिषद है, इसमें सब कुछ नियम से होना चाहिए।

सांसद प्रतिनिधि रामजी व्यास ने कहा कि बस स्टैंड हमारे शहर का वो स्थान है, जहां पर बाहर के लोग भी आते-जाते हैं, लेकिन वहां की बदहाली से हमारे शहर की ही बदनामी हो रही है। इसलिए बस स्टैंड की व्यवस्थाओं को अविलंब सुधारा जाए।

बाहर लगाई गई स्क्रीन पर जब भी कोई महत्वपूर्ण मुद्दा कोई पार्षद उठाता था, तो उसकी आवाज कम कर दी जाती थी, ताकि भ्रष्टाचार उजागर न हो सकें।

नगरपालिका में सांसद प्रतिनिधि के रूप में पहले हेमंत ओझा मौजूद थे, लेकिन जब सांसद प्रतिनिधि बनकर रामजी व्यास आए तो हेमंत अपनी गाड़ी में सवार होकर बैठक से पहले ही रवाना हो गए।

बैठक से पहले व बाद राष्ट्रीय गीत व राष्ट्रगान हुआ, लेकिन दीप प्रज्जवलन के लिए रखे गए दीपक व राजमाता की तस्वीर पर डाली जाने वाली माला यूं ही रखी रही।
सैद्धांतिक स्वीकृति का नया शब्द किया इजाद

एजेंडे के पहले बिंदु में थीम रोड का सौंदर्यीकरण करने को शामिल किया, जबकि सुंदरता से पहले ही यह सड़क न केवल धंसक गई, बल्कि उसमें थिगड़े लगाए जाने लगे। इस बिंदु पर जब पार्षद प्रदीप शर्मा ने पूछा कि इसमें कितना खर्चा होगा और यह किस मद से राशि ली जाएगी, तो सीएमओ ने एक नया शब्द इजाद करते हुए कहा कि अभी हम परिषद की बैठक में सैद्धांतिक स्वीकृति ले रहे हैं। बता दें कि नपा में प्रशासकीय स्वीकृति होती है न कि सैद्धांतिक। ऐसे में थीम रोड नाम पर बड़ा गोलमाल करने की तैयारी है, जबकि सड़क की क्वालिटी 4 माह में ही सामने आ गई।
74 लाख की विद्युत सामग्री खरीदी, फिर भी शहर अंधेरे में

परिषद की बैठक में पार्षद पप्पू गुप्ता ने अपने साथ लाए दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि नगरपालिका ने विद्युत सामग्री क्रय करने में 74 लाख रुपए की राशि खर्च कर दी, बावजूद इसके शहर के वार्डों में अंधेरा है। पार्षद ने पूछा कि इतनी बड़ी राशि से क्या सामान खरीदा गया?। जिसका जवाब देने की बजाय सीएमओ व नपाध्यक्ष ने कहा कि हम पहले एजेंडे पर बात कर लें, फिर इन मुद्दों पर भी जानकारी देेंगे।
..फिर मुद्दे होते रहे पास : भ्रष्टाचार पर चर्चा न होने के बाद पार्षदों ने भी समझ लिया कि भ्रष्टाचार के मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी, इसलिए वे भी एजेंडे के मुद्दों पर टेबिल ठोकते रहे और सभी बिंदु पास होते रहे। बैठक के दौरान वार्ड 21 के निर्दलीय पार्षद राजू गुर्जर वॉकआउट करके बाहर निकल आए। राजू ने कहा कि जब पार्षदों की बात सुनना ही नहीं चाहते और सब कुछ पहले से ही तय करके आए हैं, तो फिर ऐसी परिषद की बैठक का क्या औचित्य है।