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51 लाख के ठेके पर बस स्टैंड

बस स्टैंड में पानी की निकासी के लिए रास्ते न होने की वजह से बरसात के मौसम में यहां यात्रियों के अलावा यहां स्थाई दुकानदारों को भी जलभराव का सामना करना पड़ता है। बस स्टैंंड के रख-रखाव की जिम्मेदारी नगरपालिका की है, लेकिन नपा ने इसका ठेका देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।

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51 लाख के ठेके पर बस स्टैंड

51 लाख के ठेके पर बस स्टैंड

शिवपुरी. पोहरी रोड स्थित शिवपुरी बस स्टैंड पर मध्यप्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश एवं राजस्थान के लगभग 3 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। बस स्टैंड में पानी की निकासी के लिए रास्ते न होने की वजह से बरसात के मौसम में यहां यात्रियों के अलावा यहां स्थाई दुकानदारों को भी जलभराव का सामना करना पड़ता है। बस स्टैंंड के रख-रखाव की जिम्मेदारी नगरपालिका की है, लेकिन नपा ने इसका ठेका देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। नपा ने तीन साल के लिए पहले बस स्टैंड का ठेका 1.46 करोड़ में दिया था, लेकिन ठेकेदार ने जब संचालन से मना किया तो फिर इसे 1 साल के लिए 51 लाख रुपए में दे दिया।


सीएम की घोषणा पर अमल का आश्वासन
नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा ने बस स्टैंड परिसर में ठेला व गुमटी लगाने वालों के साथ रैन बसेरा में बैठक लेकर कहा कि अब आपसे कोई वसूली नहीं करेगा। ज्ञात रहे कि बीते 21 मई को मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की थी कि ठेले व गुमटी वालों से हर दिन की वसूली नहीं होगी। नपाध्यक्ष ने सीएम की इस घोषणा पर अमल करते हुए यह आश्वासन दिया था।


17 बीघा में एक हजार लोगों का रोजगार
ग्वालियर-चंबल संभाग में शिवपुरी बस स्टैंड के पास सबसे अधिक यानि 17 बीघा जगह है। जिसमें दुकानदारों के अलावा बस पर चलने वाले ड्राइवर, कंडेक्टर, हेल्पर, वाहन सुधारने वाले मिस्त्रियों के अलावा बसों पर आवाज लगाने वालों सहित लगभग 1 हजार लोगों को यहां हर दिन रोजगार मिलता है। यह सभी लोग बदहाल बस स्टैंड पर बरसात के मौसम में बमुश्किल अपना काम कर पाते हैं। जलभराव होने के बाद मिस्त्री तो हाथ पर हाथ धरकर ही बैठ जाते हैं।

बस स्टैंड पर हालात
बस स्टैंड परिसर में स्थित दुकानों के सामने बनी नालियों की निकासी न होने से गंदगी व जलभराव की वजह से दुकानदार परेशान रहते हैं।
यात्री प्रतीक्षालय की स्थिति बद से बद्तर है तथा इसमें गंदगी के बीच आवारा मवेशी बसेरा करते हैं।
बस स्टैंड परिसर में जो जगह पार्क के लिए छोड़ी गई, उसमें कटीली झाडिय़ां एवं घास उगने के साथ ही कचरा फेंका जा रहा है।
सुरक्षा के नाम पर बनाई गई पुलिस चौकी में अक्सर ताला ही लटका रहता है, तथा दुकानदार ही अपना सामान रख देते हैं।
टॉयलेट न होने की वजह से महिला यात्रियों को बेहद परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मैं दिखवाती हूं
बस स्टैंड पर ठेले व गुमटी वालों की बैठक में मैंने कहा था कि उनसे कोई वसूली नहीं होगी तथा मैं अपना मोबाइल नंबर भी देकर आई थी। मैं कुछ लोगों को वहां भेजूंगी, ताकि होने वाली वसूली पर नजर रखी जा सके। ठेकेदार व्यवस्थाएं भी सुधारेगा।
गायत्री शर्मा, नपाध्यक्ष शिवपुरी