
बंदर के हमले में बाइक सहित गिरे नवदंंपती, पति की मौत
शिवपुरी.अमोला थानांतर्गत फोरलेन हाइवे पर रविवार की सुबह एक बंदर ने सडक़ से गुजर रहे एक बाइक सवार दंपती पर हमला कर दिया। इस हमले से बाइक अनियंत्रित हो गई और दंपती सडक़ पर गिर पड़े। हादसे में गंभीर रूप से घायल पति-पत्नी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने ग्वालियर रैफर कर दिया परंतु एम्बुलेंस जैसे ही अस्पताल के गेट से बाहर निकली घायल युवक ने दम तोड़ दिया। नवयुगल एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए झांसी से शिवपुरी आ रहा था।
जानकारी के अनुसार झांसी निवासी इस्लाम पुत्र पद्दू खान उम्र 25 साल रविवार की सुबह पत्नी नगीना के साथ बाइक पर सवार होकर शिवपुरी में शक्तिपुरम खुड़ा स्थित अपनी बहन की ससुराल में सोमवार को होने वाले शादी समारोह में शामिल होने के लिए आ रहा था। जब बाइक अमोला पुल के पास पहाड़ काट कर बनाए गए फोरलेन हाईवे पर पहुंची तभी एक बंदर ने अचानक बाइक पर हमला कर दिया, जिससे इस्लाम बाइक पर से नियंत्रण खो बैठा और बाइक अनियंत्रित होकर सडक़ पर फिसल गई। हादसे के दौरान इस्लाम व उसकी पत्नी का सिर सडक़ किनारे पड़े एक पत्थर से टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हीं के साथ पीछे से आ रहे कुछ लोगों ने 108 को कॉल किया, जिसके बाद दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां नगीना को प्राथमिक उपचार देने के बाद भर्ती कर लिया गया, जबकि इस्लाम की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे ग्वालियर रैफर कर दिया। एम्बुलेंस इस्लाम को लेकर जैसे ही अस्पताल गेट के बाहर निकली वैसे ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि इस्लाम और नगीना की एक माह पहले ही शादी हुई थी, घटना के बाद दिन भर नगीना को इस्लाम की मृत्यु की जानकारी नहीं दी गई।
मातम में तब्दील हो गईं शादियों की खुशियां
जिला अस्पताल में मौजूद लोगों का कहना था कि इस्लाम जिस घर में शादी में शामिल होने के लिए आ रहा था, वहां एक ही परिवार में चार शादियों का आयोजन होना है। इस कारण पूरे मोहल्ले में खुशियों का माहौल था। इस्लाम और उसकी पत्नी के हादसे में घायल होने और इसके बाद इस्लाम की मौत की खबर जैसे ही मोहल्ले में पहुंची, शादियों की खुशियां मातम में और हंसी ठिठोली की किलकारियां मातम में तब्दील हो गईं।
खाने की आस में दौड़ते हैं वाहनों के पीछे
जिस जगह यह हादसा हुआ है वहां पहली बार नहीं है कि किसी बंदर ने वाहन पर आकर हमला किया हो। यहां यह हर रोज की कहानी है, इसकी मुख्य वजह यह है कि आस पास के क्षेत्र में बंदरों को खाने के लिए कुछ मिलता नहीं है। वहीं दूसरी ओर यहां से गुजरने वाले ट्रक चालक आदि इन बंदरों को खिलाने के लिए कुछ न कुछ अपने साथ लेकर आते हैं। इस कारण बंदरों को संभवत: यह लगता है कि यहां से गुजरने वाली प्रत्येक गाड़ी पर सवार व्यक्ति उन्हें कुछ न कुछ खिलाएगा। इसी आस में बंदर गाडिय़ों के पीछे दौड़ जाते हैं।
Published on:
10 Jun 2019 06:00 am
