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सूचना मिलते ही शिवपुरी में तहसीलदार ने दौड़ाई गाड़ी, प्रसूता को अपने वाहन से और खुद बाइक से पहुंचे अस्पताल

Pregnant Woman Roadside Delivery: एंबुलेंस के न आने पर प्रसूता को बाइक से अस्पताल ले जा रहे थे परिजन, रास्ते में सड़क किनारे दिया बच्चे को जन्म, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे तहसीलदार और प्रसूता व नवजात को पहुंचाया अस्पताल।
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pregnant woman roadside delivery tehsildar dragpal singh bais helped hospital, तहसीलदार 15 मिनट में मौके पर पहुंचे और प्रसूता व नवजात को अस्पताल पहुंचाया (source-patrika)

Shivpuri Pregnant Woman Roadside Delivery: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में एक बार फिर एंबुलेंस व्यवस्था की हकीकत सामने आई है। मामला जिले की बैराड़ तहसील का है जहां के राजपुरा टपरा गांव की एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। काफी देर तक एंबुलेंस नहीं आई तो परिजन प्रसूता को बाइक से ही अस्पताल ले जाने के लिए निकल पड़े, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में महिला ने सड़क किनारे बच्चे को जन्म दे दिया। जब इस बात की खबर तहसीलदार को लगी तो वो तुरंत अपनी गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे और अपनी गाड़ी से प्रसूता व नवजात को अस्पताल पहुंचाया। तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस के द्वारा मानवीयता दिखाते हुए तुरंत प्रसूता को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाने की लोग गुरुवार को जमकर तारीफ कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा हो रही है।

सड़क किनारे दिया बच्चे को जन्म

राजपुरा टपरा निवासी संजू (22) पत्नी सुग्रीव आदिवासी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस को कॉल किया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब एंबुलेंस नहीं आई तो परेशान होकर परिजन प्रसूता को बारिश के बीच बाइक पर सवार कर बैराड़ स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हो गए। जब यह लोग गोन्दोलीपुरा पहुंचे तो प्रसूता को प्रसव पीड़ा ज्यादा तेज हो गई तो परिजन रूके और इसी दौरान सड़क किनारे ही प्रसूता ने बच्चे को जन्म दे दिया।

सूचना मिलते ही 15 मिनट में मौके पर पहुंचे तहसीलदार

सड़क किनारे महिला के द्वारा बच्चे को जन्म देने की जानकारी वहां से गुजर रहे युवक ने बैराड़ तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस को सूचना दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार द्रगपाल सिंह ने मानवीयता दिखाई और गाड़ी दौड़ाते हुए 15 मिनट में ही मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक प्रसूता ने नवजात को जन्म दे दिया था। मौके पर पहुंचते ही तहसीलदार ने बिना देर किए प्रसूता व नवजात को अपने वाहन से बैराड़ अस्पताल पहुंचाया और खुद बाइक से अस्पताल पहुंचे।

प्रसूता व नवजात सुरक्षित, ये बोले जिम्मेदार

बैराड़ स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टरों के मुताबिक प्रसूता व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इस घटना ने एक बार फिर 108 एंबुलेंस की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवालिया निशान लगाया है। वहीं इस मामले पर जब सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 'मैंने लिखित में भोपाल कार्यालय में सूचना दे दी है। साथ ही जिला अस्पताल पर इन एंबुलेंस की व्यवस्थाओं को देखने वाले मैनेजर को भी नोटिस दिया है। पूरे मामले में कार्रवाई राज्य स्तर पर होती है। हमारे हाथ में ज्यादा कुछ नहीं है।'