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७५० बीघा चरनोई भूमि पर दबंगो का कब्जा, हाईकोर्ट के आदेश का नही हो रहा पालन

७५० बीघा चरनोई भूमि पर दबंगो का कब्जा, हाईकोर्ट के आदेश का नही हो रहा पालनशिकायत के बाद भी नही हो रही सुनवाई, अब शिकायतकर्ता ने दी आत्मदाह की चेतावनी

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७५० बीघा चरनोई भूमि पर दबंगो का कब्जा, हाईकोर्ट के आदेश का नही हो रहा पालन

७५० बीघा चरनोई भूमि पर दबंगो का कब्जा, हाईकोर्ट के आदेश का नही हो रहा पालन


७५० बीघा चरनोई भूमि पर दबंगो का कब्जा, हाईकोर्ट के आदेश का नही हो रहा पालन
शिकायत के बाद भी नही हो रही सुनवाई, अब शिकायतकर्ता ने दी आत्मदाह की चेतावनी
शिवपुरी। जिले के करैरा स्थित ग्राम दाबरभाट में ७५० बीघा जरनोई भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। हालात यह है कि उस जमीन पर गांव के मवेशी चरने नही जा पाते है। इस मामले में गांव के दो लोगों ने पुलिस-प्रशासन से लेकर कई जगह शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। इतना ही नही हाईकोर्ट भी इस जमीन से कब्जा हटाने के आदेश कर चुका है, तब भी हाईकोर्ट के आदेश का पालन यह अधिकारी नही कर रहे। ऐसे में शिकायतकर्ता ने उसकी सुनवाई न होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
शिकायतकर्ता जयेश पुत्र जुगल किशोर यादव व रामस्वरूप पुत्र रघुवीर परिहार निवासी ग्राम दाबरभाट ने बताया कि गांव की ७५० बीघा चरनोई भूमि पर करीब २५ लोगों ने कब्जा कर रखा है। इस मामले में जब अधिकारियों से शिकायत के बाद कोई कार्रवाई नही हुई तो हमने मामला हाईकोर्ट में लगाया। हाईकोर्ट ने भी प्रशासन को इन लोगों का कब्जा हटवाने के साथ जुर्माना लगाने के लिए आदेशित कर दिया। इसके बाद भी करैरा व जिला प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नही दे रहा। इसी मामले को लेकर दोनो शिकायतकर्ता मंगलवार को जनसुनवाई में आए और अपनी समस्या एडीएम रघुवंशी को बताई। एडीएम ने पूरे मामले में फाइल देखने के बाद कार्रवाई की बात बोली है। इधर दोनो शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अगर उनकी सुनवाई नही हुई तो वह कलेक्टर कार्यालय में ही आत्मदाह करेंगे।
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सेनेट्री पेड कंपनी पर कार्रवाई को लेकर महिलाओं ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव
मंगलवार को शहर की आधा सैकड़ा महिलाओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव करते हुए सेनेट्री पेड कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के साथ उनका पैसा वापस दिलाने को लेकर प्रदर्शन किया। बाद में एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा गया। यहां बता दें कि शहर सहित जिले भर की ३ सैकड़ा महिलाओं ने समूह बनाकर उप्र से आए चंद्रशेखर वर्मा व अखिलेश राजपूत की सेनेट्री पेड कंपनी में करीब ५ करोड़ रुपए लगा दिए। यह गौरखधंधा शहर में पिछले ८ महिनो से चल रहा था। अभी १० दिन पूर्व यह कंपनी शहर छोडक़र भाग गई। इस पूरे मामले में डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि पुलिस इस मामले में एफआईआर कर चुकी है और ४ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। शेष फरार लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है। इधर पीडि़त महिलाओं का कहना था कि कंपनी के जो मालिक है, उनको पुलिस ने अभी तक नही पकड़ा, जबकि पूरा पैसा उनके पास है। इसके अलावा शहर की हेमलता राठौर, रानी गोस्वामी से लेकर कुछ अन्य महिलाएं है जो कि इन फर्जीबाड़ा करने वाले लोगों से मिली है। इनके खिलाफ भी कार्रवाई कर उनका पैसा वापस दिलाया जाए।
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पति की एक्सीडेंट में मौत होने के ६ माह बाद भी नही मिली कोई सहायता
पोहरी रोड स्थित ग्राम दर्रोनी सिरसौद की रहने वाली महिला सोनम परिहार ने जनसुनवाई में आवेदन देकर अपने पति की मौत के बाद आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की है। सोनम ने बताया कि उसके पति नरेन्द्र की १७ नवम्बर २०२२ को एक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उसके छोटे-छोटे बच्चें व वृद्ध ससुर है। उसके पास आजीविका का कोई साधन नही है। घटना होने के बाद उसे ग्राम पंचायत से लेकर जिला प्रशासन से कोई आर्थिक सहायता नही मिली है।
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नेशनल पार्क के लिए ले ली जमींन, नही मिला मुआवजा
शिवपुरी के ग्राम लखनगंवा, हरनगर, मामौनी, डोंगर, अर्जुनगंवा के कुछ ग्रामीणों ने आवेदन देकर मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि नेशनल पार्क के लिए उनकी जमीन तो प्रशासन ने ले ली, लेकिन उनको अभी तक उनकी जमीन का मुआवजा नही दिया गया। ग्रामीण का कहना है कि वह फोरेस्ट से लेकर राजस्व विभाग के चक्कर काट-काट कर परेशान है। इसके बाद भी उनकी कोई सुनवाई नही हो रही। नियम के मुताबिक जो भी वयस्क ग्रामीण है उनको १५ लाख रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से मुआवजा दिया जाना है। अगर शासन मुआवजा नही देती तो हमारी जमीन हमको वापस किए जाए। अगर ऐसा नही होता तो हमको आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा।