
MP News: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई कर्मचारी-अधिकारी घूस लेते रंगे हाथों पकड़े जाते हैं। ऐसा ही मामला शिवपुरी जिले से सामने आया है। यहां पर कलेक्ट्रेट में पदस्थ स्टोनो को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
कोलारस अनुविभाग की रन्नौद तहसील अंतर्गत ग्राम श्रीपुर चक्क निवासी ध्यानेन्द्र सिंह पडरया ने बताया कि उसकी गांव में पिता मनमोहन सिंह के नाम पर ५० बीघा जमीन है। पर कुछ साल पहले शासकीय रिकोर्ड में से पिता का नाम हट गया और जमीन पर दूसरे का नाम दिखाई दे रहा था। इस काम के लिए वह अपर कलेक्टर कार्यालय के कई बार चक्कर काट चुका था। बाद में उसकी मुलाकात अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला के स्टेनो मोनू शर्मा से हुई तो मोनू शर्मा ने इस काम के बदले 20 हजार रुपए मांगे। इस पर से उसने 15 हजार रुपए मोनू को दो दिन पहले दे दिए थे, लेकिन बाद में उसने स्टेनो को सबक सिखाने के लिए ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस कार्यालय में 9 दिसंबर को स्टेनो द्वारा उससे रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपर कलेक्टर कार्यालय के स्टोनो को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी स्टोनो के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
बता दें कि साल 2015 में 7 नवंबर को इसी अपर कलेक्टर कार्यालय में उस समय तैनात एडीएम जेयू शेख को ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। शेख ने एक खदान की लीज देने के फेर में आवेदक दिवाकर अग्रवाल से यह रिश्वत ली थी। एडीएम शेख को इस मामले में कोर्ट से 4 साल की सजा भी हो चुकी है। उसके बाद से आज गुरूवार को यह दूसरा मामला है जब एडीएम कार्यालय में इस बार पुलिस ने स्टेनो को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। आज जब कार्यालय में कार्रवाई चल रही थी तो कलेक्टर कार्यालय में मौजूद दूसरे विभाग के कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा और हर कोई इसी मामले की चर्चा करता हुआ नजर आया।
Updated on:
11 Dec 2025 04:58 pm
Published on:
11 Dec 2025 02:48 pm

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