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ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए पोषण आहार बनाने वाला प्लांट कई दिन से बंद

ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए पोषण आहार बनाने वाला प्लांट कई दिन से बंद जिम्मेदारों ने बताए प्लांट बंद होने के अलग-अलग दिन व कारण आठ जिलों के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को बांटने के लिए जाता है पोषण आहार

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ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए पोषण आहार बनाने वाला प्लांट कई दिन से बंद

ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए पोषण आहार बनाने वाला प्लांट कई दिन से बंद

ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए पोषण आहार बनाने वाला प्लांट कई दिन से बंद

जिम्मेदारों ने बताए प्लांट बंद होने के अलग-अलग दिन व कारण

आठ जिलों के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को बांटने के लिए जाता है पोषण आहार

शिवपुरी. जिला खेल परिसर (स्टेडियम) के सामने स्थित पोषण आहार संयत्र पिछले कई दिन से बंद है, जबकि यहां बनने वाला पोषण आहार पैकिंग करके ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों में सप्लाई किया जाता है। बुधवार को जब पत्रिका टीम ने इस प्लांट पर पहुंचकर इसकी जानकारी चाही तो तीन जिम्मेदारों ने प्लांट बंद होने के न केवल अलग-अलग दिन बताए, बल्कि कारण भी अलग गिनाए।

बुधवार को दोपहर लगभग 1 बजे पत्रिका टीम स्टेडियम के सामने स्थित उस पोषण आहार संयत्र पर पहुंची। इस संयत्र के मैन गेट पर कुछ लोग खड़े थे तथा गेटकीपर लगाए जाने वाले बोर्ड की नापतौल कर रहा था। अंदर गेट पर तैनात एक महिला कर्मचारी से जब प्लांट के प्रभारी के बारे में पूछा तो वो कुछ ठीक से जवाब नहीं दे पाई। जब वहां कोई जानकारी देने वाला नहीं मिला तो अंदर प्लांट में जाकर देखा तो वहां लगी बड़ी-बड़ी मशीनरी पूरी तरह से शांत थीं। इसी बीच एक महिला कर्मचारी (जो संभवत: सिक्युरिटी की थी) वहां आई और उसने कहा कि प्लांट के अंदर जाने की परमीशन नहीं है। जब उससे प्लांट के संबंध में जानकारी चाही तो वो बोली कि प्लांट तो 8 दिन से बंद है, लेकिन यह क्यों बंद है, इसकी जानकारी नहीं है। फिर इस महिला कर्मचारी ने प्लांट प्रभारी का मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि आप इस पर बात कर लो।

प्लांट प्रभारी ने कुछ यह बताया

पोषण आाहर प्लांट प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी रॉ-मटेरियल मुख्यालय भोपाल से नहीं आया है, इसलिए प्लांट एक-दो दिन से बंद है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूसी से ऑर्डर मिलने के बाद टेंडर निकालते हैं। अभी महिला बाल विकास विभाग से गेहूं-चावल का अलॉटमेंट नहीं मिला है, जब वहां से अलॉटमेंट मिल जाएगा तो हम नागरिक आपूर्ति निगम से उठाव कर लेंगे। राजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछली बार हमें 1169 मीट्रिक टन पोषण आहार बनाने का ऑर्डर मिला था। जिसमें 160 मीट्रिक टन चावल व 260 से 270 मीट्रिक टन गेहूं की जरूरत रही थी।

ग्वालियर-चंबल संभाग को होती है सप्लाई

शिवपुरी में बनने वाले पोषण आहार की सप्लाई ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी आठों जिलों मुरैना, भिंड, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना व अशोकनगर को पोषण आहार भेजा जाता है। यह पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को बांटे जाने के लिए आता है।

ऑर्डर नहीं मिला तो 15 दिन से बंद है प्लांट: अति. सीइओ जिपं

पत्रिका टीम के प्लांट पर पहुंचने की खबर चंद मिनिट में ही अतिरिक्त सीइओ जिला पंचायत महेंद्र कुमार जैन के पास पहुंच गई। जैन ने फोन करके पूछा कि आज क्या प्लांट पर गए थे, जब बताया कि हां, तो वे बोले कि प्लांट तो 15 दिन से बंद है, क्योंकि ऑर्डर ही नहीं मिला है। जब ऑर्डर मिलेगा, तब राशन का उठाव करके प्लांट में पोषण आहार बनाया जाएगा। महिला बाल विकास विभाग द्वारा एसआरएलएम को ऑर्डर दिया जाता है। हमने दिसंबर में ही प्रॉडक्शन पूरा कर लिया था, इसलिए अभी तक ऑर्डर नहीं आया। एक-दो दिन में प्लांट चालू हो जाएगा, तो हम आपको बुलाएंगे।

लोकल नहीं, मुख्यालय से ही आता है ऑर्डर

जिला पंचायत के एडीशनल सीइओ ही प्लांट के प्रभारी है, वो क्या कह रहे हैं। यदि वो ऑर्डर की बात कर रहे हैं, तो हमारे लोकल स्तर पर उसका ऑर्डर नहीं दिया जाता, बल्कि मुख्यालय से ही उसका ऑर्डर होता है। हम पूछते हैं उनसे कि कौन से ऑर्डर की बात कर रहे हैं।

देवेंद्र सुंदरियाल, डीपीओ महिला बाल विकास विभाग