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10 घंटे चक्काजाम के बाद भी नहीं हुई सुनवाई तो थाने में रखा शव

10 घंटे चक्काजाम के बाद भी नहीं हुई सुनवाई तो थाने में रखा शवपुलिस मान रही थी संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया नामजद हत्या का आरोप12 फरवरी को पुलिस से की थी मृतक ने शिकायत, नहीं हुई थी कार्रवाई
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शिवपुरी

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Samuel Das

•

Updated: 14 Mar 2024, 4:23 PM IST

10 घंटे चक्काजाम के बाद भी नहीं हुई सुनवाई तो थाने में रखा शव

10 घंटे चक्काजाम के बाद भी नहीं हुई सुनवाई तो थाने में रखा शव

10 घंटे चक्काजाम के बाद भी नहीं हुई सुनवाई तो थाने में रखा शव
पुलिस मान रही थी संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया नामजद हत्या का आरोप
12 फरवरी को पुलिस से की थी मृतक ने शिकायत, नहीं हुई थी कार्रवाई
पिछोर। शिवपुरी जिले की पिछोर जनपद के ग्राम पनिहारी में एक युवक की लाश को पिछोर-चंदेरी रोड पर रखकर 10 घंटे तक चक्काजाम किया। इसके बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो गुस्साई भीड़ ने शव को पुलिस थाने के अंदर रख दिया। मृतक के शव को देखकर पुलिस जहां मामले को संदिग्ध मान रही थी, जबकि परिजन नामजद आरोपी बताते हुए हत्या का मामला दर्ज करने की जिद पर अड़े हुए थे। पहले तो पुलिस के अधिकारियों ने आश्वासन दिया, लेकिन बाद में जब एफआईआर नहीं हुई तो परिजन लाश को लेकर थाने में जा घुसे। महत्वपूर्ण बात यह है कि बीते 12 फरवरी को मृतक ने विवाद के चलते पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं की गई।
यह है मामला
पिछोर की हिम्मतपुर चौकी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवगढ़ के ग्राम पनिहारी में रहने वाले मनोज (36) पुत्र हरविलास लोधी, की खून से लथपथ लाश शनिवार की रात 10.30 बजे, मृतक के खेत से सौ मीटर दूर सडक़ पर पड़ी मिली। चूंकि लाश सडक़ पर पड़ी मिली, तो पुलिस को मौत के पीछे दुर्घटना का शक था, जबकि परिजनों का आरोप था कि हमारा जिससे विवाद चल रहा है, उन्होंने ही मनोज की हत्या कर लाश वहां फेंकी है। परिजनों की मांग थी कि नामदर्ज आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
पिछोर-चंदेरी रोड पर लगाया 10 घंटे जाम
आज सुबह जब मृतक के परिजनों की मांग पुलिस ने पूरी नहीं की तो उन्होंने शव को बिना पोस्टमार्टम करवाए ही पिछोर-चंदेरी मार्ग पर रखकर ट्रेक्टर ट्रॉली आड़ी लगाकर चक्काजाम कर दिया। मृतक के परिजनों का कहना था कि सुरेंद्र लोधी सहित अन्य लोगों से विवाद चल रहा था, तथा उससे जान का खतरा था, जिसके चलते बीते 12 फरवरी को थाने में शिकायत की थी, लेकिन जब पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो फिर शिवपुरी एसपी ऑफिस आकर शिकायत की।
बुलवाया, समझाकर छोड़ा
मृतक के परिजनों का कहना है कि जब एसपी ऑफिस में शिकायत की थी तो पुलिस ने आरोपियों को थाने बुलवाया था और कुछ देर बिठाकर समझाइश देकर छोड़ दिया था। उसके बाद से ही मनोज व उसके परिजनों को जान का खतरा था और बीती रात उक्त लोगों ने मनोज की जान ले ली। यानि परिजनों की नाराजगी आरोपियों के साथ-साथ पुलिस के खिलाफ भी थी।
पहले थाने के सामने, फिर थाने में रखा शव
मृतक मनोज लोधी के शव को सुबह 9 बजे पिछोर थाने के सामने पिछोर-चंदेरी रोड पर रखकर चक्काजाम कर दिया। रोड जाम होने से ट्रेफिक तो बाधित हुआ ही, साथ ही दुपहिया वाहन चालकों को भी निकलना मुश्किल हो रहा था। चक्काजाम खुलवाने के लिए स्थानीय प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की तथा शाम 4 बजे एफआईआर करने को तैयार हो गए। लेकिन जब एफआईआर में संदेही लिखा तो परिजन फिर आक्रोशित हो गए तथा शव को लेकर पुलिस थाने में जा घुसे। शव को एक घंटे तक थाने के अंदर फर्श पर लिटाए रखा।
फिर दर्ज हुई हत्या की एफआईआर
जब मृतक के परिजन लाश लेकर थाने के अंदर ही आ गए तो फिर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों सुरेंद्र पुत्र ज्वालाप्रसाद लोधी, नरेंद्र पुत्र गोविंददास लोधी बिलरई, बल्ली उर्फ संतोष पुत्र रामदास लोधी निवासी देवगढ़, के खिलाफ धारा 302, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर लिया। नामदर्ज हत्या का मामला दर्ज होने के बाद भी जब जाम नहीं खुला तो पुलिस ने सख्ती दिखाई तो चक्काजाम खुल गया। शाम साढ़े सात बजे शव को पीएम के लिए ले जाया गया।
बोले एसडीओपी: अभी तो कर लिया मामला दर्ज
ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद होते रहते हैं तथा एक-दूसरे के खिलाफ आवेदन भी देते हैं। इनके बीच बैठक करके राजीनामा भी हो गया था। अभी एफआईआर तो दर्ज कर ली है, फिर जांच होगी तथा सीसीटीवी कैमरे व मोबाइल लोकेशन आदि की भी जानकारी संकलित की जाएगी।
प्रशांत शर्मा, एसडीओपी पिछोर