बेटी को अंतिम विदाई के बाद पिता सोनेराम ओझा ने बेटी की चिता पर खुदकुशी करने की नीयत से छलांग लगा दी।
शिवपुरी. एक पिता को अपनी बेटी की मौत का ऐसा सदमा लगा कि वह बेटी की जलती चिता पर ही कूद गया, उनका मन था कि वह बेटी के साथ ही अपने आप को खत्म कर ले, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बचा लिया और उपचार के लिए लेकर गए।
शहर के मुक्तिधाम पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया, जब एक पिता ने अपनी बेटी की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार के दौरान सदमे में बेटी की चिता पर ही कूदने का प्रयास किया। बमुश्किल साथ लोगों ने पिता को ऐसा करने से रोका।
जानकारी के मुताबिक शहर के फतेहपुर निवासी सोनेराम ओझा की 13 साल की बेटी वंदना ओझा की तबियत बीते 10 माह से खराब थी। सोनेराम ने अपनी बेटी का ग्वालियर सहित अन्य स्थानों पर उपचार कराया परंतु बेटी का पीलिया बिगड़ता गया और बीती रात में उसने दम तोड दिया। शनिवार को बेटी का अंतिम संस्कार शिवपुरी मुक्तिधाम में हुआ।
इस दौरान बेटी को अंतिम विदाई के बाद पिता सोनेराम ओझा ने बेटी की चिता पर खुदकुशी करने की नीयत से छलांग लगा दी। बमुश्किल लोगों ने पिता को पकड़ा और अनहोनी होने से बचाया। बाद में वहां मौजूद लोग यही चर्चा करते हुए दिखाई दिए कि बेटी के गम में पिता की हालत बहुत खराब है।