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स्वामी बज्रानंद महाराज दो माह की बीमारी के उपरांत समाधिलीन..

उल्लेखनीय है कि स्वामी बज्रानंद दो माह की बीमारी के उपरांत शुक्र-शनिवार की दरम्यानी रात ब्रहमलीन हो गए थे। रविवार की सुबह 6:30 बजे आश्रम में ही समाधिस्थ किया गया।

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स्वामी बज्रानंद महाराज दो माह की बीमारी के उपरांत समाधिलीन..

स्वामी बज्रानंद महाराज दो माह की बीमारी के उपरांत समाधिलीन..

शिवपुरी। परम स्वामी अडग़ड़ानंद जी महाराज के शिष्य और परमहंस आश्रम विनेगा के संत स्वामी बज्रानंद महाराज रविवार की अलसुबह समाधिलीन हो गए। इस दौरान कई स्थानों से आए संतों सहित हजारों भक्त उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि स्वामी बज्रानंद दो माह की बीमारी के उपरांत शुक्र-शनिवार की दरम्यानी रात ब्रहमलीन हो गए थे। रविवार की सुबह 6:30 बजे आश्रम में ही समाधिस्थ किया गया।

इससे पूर्व आश्रम के संत पथरानंद रविन्द्र बाबा सहित आश्रम भक्तों द्वारा महाराज को अंतिम दर्शन हेतु दूध, दही, घी एवं पानी से अभिषेक कर नववस्त्र पहनाकर तैयार किया गया।

उसके बाद समस्त भक्तों ने आरती पूजा आदि की व पालकी को आश्रम परिसर में घुमाया गया। अंत में वरिष्ठ संत परमहंस ब्रह्मचारी महाराज एवं परमहंस श्रीराम महाराज के निर्देशन में स्वामी जी की समाधि प्रक्रिया को सम्पन्न किया गया।

इस दौरान शिवपुरी के धार्मिक स्थलों के महंत एवं धर्म प्रतिनिधियों के रूप में परमहंस चन्द्रा स्वामी महाराज बाणगंगा आश्रम, परमहंस रामसुभावन दास महाराज चूनाखो आश्रम, परमहंस राजू बाबाजी दोबत्ती आश्रम, परमहंस संतोष बाबाजी बरकुआँ धाम करैरा, श्री 1008 पुरषोत्तम दास जी महाराज तुलसी बड़े हनुमान मन्दिर कत्थामिल, वल्र्ड स्प्रिचुअल मेहेर फाउंडेशन के बाबा रघुवीर सिंह गौर सहित बाराणसी चोलापुर के परमहंस ब्रहमचारी महाराज, सोनभद्र परसोना से आए संत श्रीराम महाराज, फरीदाबाद सूरजकुंड से आए संत चिन्तमियानंद महाराज, अलीगढ़ छर्रा से आए संत अखिलेशानंद, भरतपुर परमहंस आश्रम झारोटी से आए संतों सहित हजारों भक्त उपस्थित थे।