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खाता बंद करने का झांसा देकर आदिवासियों को बुला रहे फ्रॉड करने वाले, सहमे ग्रामीण

खाता बंद करने का झांसा देकर आदिवासियों को बुला रहे फ्रॉड करने वाले, सहमे ग्रामीण मामला आदिवासियों के खाते में फ्रॉड का, गांव में पसरा सन्नाटा

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खाता बंद करने का झांसा देकर आदिवासियों को बुला रहे फ्रॉड करने वाले, सहमे ग्रामीण

खाता बंद करने का झांसा देकर आदिवासियों को बुला रहे फ्रॉड करने वाले, सहमे ग्रामीण

खाता बंद करने का झांसा देकर आदिवासियों को बुला रहे फ्रॉड करने वाले, सहमे ग्रामीण

मामला आदिवासियों के खाते में फ्रॉड का, गांव में पसरा सन्नाटा

बदरवास. पहाड़ियों की तलहटी के बीच बसे दोहा पंचायत के ग्राम दीवट में इन दिनों वीरानी पसरी रहती है तथा गांव की गलियों में ऐसा सन्नाटा पसरा रहता है कि मानों यहां कोई नहीं रहता हो। जब भी कोई बाहरी व्यक्ति गांव में आता है तो यहां रहने वाले लोग सहम जाते हैं, क्योंकि उन्हें यह डर सता रहा है कि कहीं पुलिस उन्हें उठाकर न ले जाए। इन ग्रामीणों के बीच एक महिला इसलिए परेशान है, क्योंकि उसका पति जेल में है तथा उस पर फ्रॉड का मामला दर्ज कर लिया गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन लोगों ने बैंक खाता खुलवाया, वो अब आदिवासियों को बुला रहे हैं।

बदरवास थाना क्षेत्र की दोहा ग्राम पंचायत के पहाड़ियों पर बसे आदिवासियों के इस दीवट गांव के 16 आदिवासी महिला-पुरुष लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। आदिवासी बस्ती दीवट के आदिवासियों के साथ फ्रॉड करने के उद्देश्य से बरोदिया व पीरोठ के तीन आरोपी राहुल कुशवाह पीरोठ, दिनेश कुशवाह एवं दिलीप पुत्र मुकेश कुशवाह ने बैंक खाते खुलवाए थे। इसमें 2 महिलाएं एवं 14 पुरुष थे। इस गांव के प्रकाश आदिवासी के खाते में फ्रॉड करके 100004 की राशि खर्च की गई, तो उसमें प्रकाश को राजस्थान की बांसवाड़ा पुलिस पकड़ कर ले गई, तथा वर्तमान में वो जेल में है।

प्रकाश आदिवासी के जेल जाने के बाद ग्राम दीवट में सन्नाटा पसरा रहता है, तथा गांव के पुरुष रात में घरों पर नहीं सोते, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि कहीं रात के अंधेरे में पुलिस उन्हें पकड़ न ले जाए। जिन 16 लोगों के खाते खोलकर फ्रॉड हुआ है, वह आदिवासी कोलारस व बदरवास में लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी यह पता कर रहे हैं कि उक्त आदिवासियों के बैंक खाते में यह राशि कहां से और कैसे आई?।

जेल में बंद प्रकाश की पत्नी ने सुनाया दर्द

हमारे पति की कोई गलती नही है, हम तो मजदूरी करने भिंड गए थे। बगैर गलती के मेरे पति प्रकाश को राजस्थान पुलिस पकड़ ले गई ओर 15 दिन से वो जेल में हैं। मेरे बेटे का एक्सीडेंट हो गया था, वह बिस्तर में पड़ा हुआ है, ससुर बुजुर्ग हैं, घर मे कमाने बाला कोई नही है। जो गेहूं काटकर मजदूरी कमाकर लाए थे, वो भी बीमारी में लग गई, हम बेहद परेशानियों से गुजर रहे हैं।

बिकेश पत्नी प्रकाश आदिवासी, निवासी दीवट
खाता खुलवाने की राजाराम से बात

बैंक खाते वाले राजाराम आदिवासी के मोबाइल नंबर 8817282810 पर तीन आरोपियों में शामिल दिनेश कुश्वाह बरोदिया ने मोबाइल नंबर 7489521980 से फोन किया। जिस पर दिनेश ने राजाराम से कहा कि दो-दो करके आ जाओ, मैं सभी के बैंक खाते बंद करवा दूंगा, अगर किराया नहीं है तो वह भी मैं दे दूंगा। इसी बीच बात बंद हो गई तथा फोन नही कटा, तथा इस दौरान राजाराम ने उनकी चर्चा सुनी। राजाराम ने पत्रिका को बताया कि दिनेश किसी से कह रहा था कि राजाराम के खाते में 3 लाख रुपए हैं एवं रामवीर आदिवासी के 2 लाख हैं, इसके बाद फोन कट गया। राजाराम आदिवासी ने कोलारस एसडीओपी विजय यादव को मोबाइल पर हुई बातचीत के पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
डरे आदिवासी, गलियों में पसरा सन्नाटा

बदरवास थाना क्षेत्र के ग्राम दीवट में रहने वाले जिन आदिवासियों के बैंक खाते में फ्रॉड हुआ, वो बुरी तरह से डरे हुए हैं, तथा वो मजदूरी करने तक नहीं जा पा रहे। गांव में अगर कोई पूछताछ के लिए भी आता है तो डरी-सहमी महिलाएं अपने घर से बाहर निकलती हैं और धीमी आवाज में उनसे बात करती हैं। जबकि उन परिवारों के पुरुष गांव से दूर पहाड़ियों की तलहटी के बीच रहते हैं।
पूरा मामला मेरे संज्ञान में है। जिसके हर बिंदु पर जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

विजय यादव, एसडीओपी कोलारस