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झोपडी में आग लगने से दो बालिका जिंदा जलीं

पिछोर स्थित ग्राम नयागांव के टीला मझरा में रविवार की शाम करीब 4.30 बजे एक टपरियां में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। टपरियों में 4 बच्चे खेल रहे थे, जिनमें से दो बाहर आ गए और दो सगी बहनों की आग में ङ्क्षजदा जलने से मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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झोपडी में आग लगने से दो बालिका जिंदा जलीं

झोपडी में आग लगने से दो बालिका जिंदा जलीं

शिवपुरी/पिछोर । शिवपुरी जिले के पिछोर स्थित ग्राम नयागांव के टीला मझरा में रविवार की शाम करीब 4.30 बजे एक टपरियां में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। टपरियों में 4 बच्चे खेल रहे थे, जिनमें से दो बाहर आ गए और दो सगी बहनों की आग में ङ्क्षजदा जलने से मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


टीआइ गब्बर ङ्क्षसह गुर्जर के मुताबिक टीला में निवासरत कृपाल ङ्क्षसह लोधी की दो बेटी शिवांशी(4) व नित्या (2.5) और कृपाल के भाई करतार के दो बच्चे एक टपरिया में खेल रहे थे। शाम करीब 4.30 बजे अचानक से टपरिया में आग लगी तो चंद मिनिटों में ही आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया। इस दौरान ककरतार के दोनों बच्चे टपरियां में से बाहर निकल आए, जबकि कृपाल की दोनो बेटी शिवांशी व नित्या ङ्क्षजदा ही आग में जल गईं। परिजनों व ग्रामीणों ने जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। कृपाल के दो ही बच्चे थे जिनकी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों बालिकाओं के शवों का पीएम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक दूसरे से लिपटे मिले एक दूसरे के शव
पिछोर-शिवपुरी. पिछोर के ग्राम नयागांव में टीला मझरा में एकाएक हुई आगजनी की घटना में एक परिवार का सबकुछ छीन गया। दो मासूम सगी बहनें ङ्क्षजदा ही आग में जल गई। आग बुझाने के बाद जब टपरिया के अंदर देखा तो दोनों बहनों के शव आपस एक दूसरे से लिपटे हुए एक साथ मिले। बताया जा रहा है कि जब आग लगी तो डर के मारे दोनों मासूम टपरिया के बाहर भागने की जगह अंदर जाकर एक कोने में छिप गई और वे आग में जल गईं। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है।

मेरा तो परिवार ही खत्म हो गया
दोनों बालिकाओं शिवांशी(4) व नित्या(2.5) के पिता कृपाल ङ्क्षसह लोधी (30)ने रोते हुए बताया कि उसको क्या पता था कि इस तरह से उसका पूरा परिवार खत्म हो जाएगा। उसके लिए यह दोनो बेटियां ही सब कुछ थी। घटना के दौरान वह दूसरे गांव में मजदूरी के लिए गया था। पत्नी टपरिया से कुछ दूरी पर मकान में काम में लगी थी। टपरिया में आग कब लगी और पूरी टपरिया आग में घिर गई किसी को पता नहींं चला। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया तब घटना की जानकारी ग्रामीणों को लगी और तुरंत दमकल को सूचना दी। परिजन व गांव वाले अपने स्तर पर ही आग को बुझाने में जुट गए। सूचना पर से दमकल भी मौके पर पहुंची और आग को बुझाया। आग बुझने के बाद जिसने भी दोनों मासूमो को एक ही कोने में एक-दूसरे से लिपटे हुए देखा तो हर आंख में आंसू नहीं रूक रहे थे। दोनो मासूम आग में ङ्क्षजदा ही जल गई।
कृपाल की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
यहां बता दें कि कृपाल के दो ही बेटी थी, दोनों की मौत होने के बाद से जहां कृपाल बुरी हालत में है तो वही पत्नी रो-रोकर चुप होने का नाम नहीं ले रही। पूरे मामले में पुलिस ने जहां दोनो बालिकाओं के पीएम कराकर मामले की जांच की है। वहीं नायब तहसीलदार ज्योति लाक्षाकार घटना की जांच में लगी है कि आखिर आग कैसे लगी। इसके अलावा नायब तहसीलदार लाक्षाकार का कहना है कि पीडि़त परिवार को शासन द्वारा जो आर्थिक सहायता मिलती है वह केस बनाने के बाद दी जाएगी।


किस्मत से बच गईं भाई करतार कीदो बेटियां
यहां बता दें कि जिस टपरियां में आग लगी, उसमें कृपाल की दोनो बेङ्क्षटया के अलावा करतार की दो बेटी कल्ली (4)व बहना (3)भी खेल रही थीं। जब आग की घटना हुई तो करतार की दोनों बेटियां तो टपरियां से बाहर निकल गईं, लेकिन कृपाल की दोनों बेटी आग से बचने के लिए टपरियांं के अंदर जाकर छिप गईं और यह दुखद हादसा हुआ।