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परियोजना अधिकारी को महिला ने चप्पल से पीटा

महिलाएं बन रहीं हथियार या फिर सिस्टम से परेशान लोगों का टूट रहा सब्र का बांध

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शिवपुरी। जिला पंचायत के डीआरडीए में परियोजना अधिकारी के पद पर पदस्थ केके शर्मा के साथ गुरुवार की सुबह एक पूर्व सरपंच विनोद जाटव की पत्नी ने चप्पल से मारपीट कर दी। शर्माकी रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व सरपंच, उसकी पत्नी प्रीति व पूर्वसचिव लोकेंद्र वशिष्ठ के विरुद्ध मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्जकर लिया। महज चार दिन में शासकीय कर्मचारी को महिला द्वारा चप्पल से पीटे जाने की दूसरी घटना से क्या यह माना जाए कि महिलाओं को हथियार बनाकर उपयोग किया जा रहा है, या फिर सिस्टम इतना बिगड़ गया है कि परेशान लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। क्योंकि जो कर्मचारी मारपीट का शिकार हो रहे हैं, उनके रिकार्ड भी पाक-साफ नहीं हैं। हालांकि कलेक्टर इस तरह की घटनाओं में कुछ षडय़ंत्रकारी लोगों का हाथ होने की आशंका जता रहे हैं। इस घटना के बाद जिला पंचायत कार्यालय में ताले लटक गए और कर्मचारी काम बंद हड़ताल पर बैठ गए।
जिला पंचायत डीआरडीए में पंचायत प्रकोष्ठ के संयोजक रहे परियोजना अधिकारी केके शर्मा गुरुवार की सुबह लगभग 9.30 बजे अपने वाहन से ऑफिस पहुंचे। शर्मा ने बताया कि जैसे ही मेरा वाहन रुका, तो वहां पूर्व से इंतजार कर रहे राजा की मुढ़ेरी के पूर्वसरपंच विनोद जाटव व उसकी पत्नी वहां खड़े थे। विनोद ने मुझसे किसी जांच के बारे में बात की, तो मंैने कहा कि हमने कोई जांच नहीं की। लेकिन वो तो प्लानिंग करके आए थे और मुझे गाड़ी से नीचे खींचकर विनोद उतारने लगा तथा अपनी पत्नी प्रीति से बोला कि इसमें चप्पल मारो। फिर उसने मुझे चप्पल मारी, जो मेरे पैर में लगी। शर्मा ने बताया कि पर्व सरपंच के गांव में शौचालय में भ्रष्टाचार की शिकायत थी, जब हम जांच करने गए तो वहां यह खुद नहीं गया, इसलिए हमें यह समझ नहीं आया कि कौन सा फर्जी शौचालय है। जांच में पूर्व सरपंच विनोद व वर्तमान सरपंच दोषी पाया गया। उन्होंने बताया कि मेरे पास तो जिले की 600 पंचायतों की मॉनीटरिंग लंबे समय तक रही, जब भी कोई शिकायत आई तो उसकी जांच तो जिला पंचायत व जनपद स्तर से होकर मेरे पास रिपोर्ट आती थी, इसमें मेरा क्या दोष है।
यह बोली प्रीति
केके शर्मा के खिलाफ हरिजन एक्ट की शिकायत की थी। मेरे पति को मैसेज देकर वहां बात करने के लिए बुलाया। मैं तो मायके जा रही थी और मेरे पति मुझे छोडऩे जा रहे थे, तो यहां वो मिलने भी आ गए। हम जैसे ही वहां पहुंचे तो उन्होंने मेरे पति को गालियां दीं और मारपीट करने लगे तथा मेरे साथ भी झूमाझटकी की। हमने पुलिस में शिकायत की है, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

ताले लटका कर ज्ञापन देने गए कर्मचारी
दोपहर लगभग 12 बजे जिला पंचायत व डीआरडीए के कर्मचारी दफ्तरों में ताले लटका कर कलेक्टर को ज्ञापन देने गए। जिसमें कर्मचारियों ने मांग की है कि इस तरह के मामलों की जांच की जाए तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
चार दिन में दूसरी घटना
ज्ञात रहे कि 8 अप्रैल को सामाजिक न्याय विभाग के लिपिक शिवकुमार सोनी के साथ एक महिला ने चप्पलों से मारपीट कर दी थी। चूंकि उस दिन रविवार का अवकाश था, इसलिए महिला ने आरोप लगाया कि उक्त कर्मचारी ने मुझे बुलाकर मेरे साथ छेड़छाड़ की थी। इस मामले में पुलिस ने तत्काल सोनी को गिरफ्तार कर लिया तथा बाद में उसकी जमानत हुई। गुरुवार को हुई इस घटना के बाद हड़ताली कर्मचारियों के साथ सोनी भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी पीड़ा सुनाई। जब सोनी से पूछा कि आपके साथ जब घटना हुई, तो शिकायत क्यों नहीं की, तो वे बोले कि शिकायत कहां से करता, मुझे तो पुलिस उठा ले गई थी। कोतवाली टीआई का कहना है कि सोनी के साथ जब घटना हुई, तब वो शराब के नशे में था, जो जांच में आया।
यह बोले कलेक्टर
जो घटना हुई है, उसकी रिपोर्ट पुलिस में कर दी गई है। चूंकि घटना की वीडियो बनाने वाला कॉमन है, इसलिए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह कोई पूर्व नियोजित षडय़ंत्र न हो। पुलिस जल्द ही जांच करके इस बात का खुलासा करेगी।
तरुण राठी, कलेक्टर शिवपुरी