
महिला की मौत के बाद डॉक्टर ने शव को ही कर दिया रैफर, अस्पताल में डॉक्टर नहीं, नर्स ने कराया था प्रसव
शिवपुरी। जिले के बदरवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने हंगामे से बचने के लिए एक प्रसूता के शव को ही शिवपुरी जिला अस्पताल रैफर कर दिया। यह जानकारी जब मृतक के परिजनों को पता चली तो उन्होंने अस्पताल में हंगामा मचाना शुरू कर दिया। जिससे अस्पताल के स्टाफ में खलबली मच गई। जानकारी के अनुसार चंदौरिया निवासी पार्वती पत्नी कृष्ण गोपाल वैरागी को सोमवार की रात साढ़े तीन बजे उसके परिवार वाले प्रसव के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। पार्वती के पति के अनुसार अस्पताल में कोई डॉक्टर उपस्थित नहीं था,वहां मौजूद एक नर्स ने सुबह चार बजे डिलीवरी करवाई।
प्रसव के कुछ देर बाद उसकी हालत बिगडऩे लगी तो उसने नर्स को कहा,जिस पर नर्स ने उसका बीपी लिया तथा एक इंजेक्शन लगा कर कहा कि सब सामान्य है, घबराने की कोई बात नहीं है। बकौल कृष्ण गोपाल पांच बजे के बाद तो हालत बहुत खराब हो गई, जिस पर साढ़े पांच बजे वह डॉ सुनील कश्यप को बुलाने उनके घर गया, लेकिन डॉ. कश्यप नहीं आए। एक दो घंटे तक उसकी पत्नी दर्द से तड़पती रही और हालात यह बने कि उसकी सांसें थमने लगीं, जिस पर डॉ. कश्यप ने लगभग साढे सात बजे आकर उसकी पत्नी को देखा और फिर शिवपुरी रैफर कर दिया।
शिवपुरी आते-आते रास्ते में पार्वती की मौत हो गई।वहीं महिला के परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंचे तो वहां डॉक्टर ने प्रसूता को देखे बगैर ही एंबुलेंस के ईएमटी से कहा-क्यों भैया मरे हुए लोगों को लेकर कब से लाने लगे हो। प्रसूता के देवर का आरोप है कि सोमवार सुबह चार बजे प्रसव के बाद भाभी की जान आफत में देखकर डॉक्टर को बुलाने उनके घर गए,लेकिन वे नहीं आए। गौरतलब है रात में बीएमओ एचबी शर्मा की ड्यूटी थी जो तीन दिन से गायब हैं।
यह है पूरा मामला
चंदौरिया गांव की पार्वती (25) बैरागी के पति गोपाल कृष्ण बैरागी ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर रात तीन बजे 108 एंबुलेंस बुला ली और रात 3.30 बजे बदरवास स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। यहां पर एक भी डॉक्टर नहीं था, सिर्फ एक नर्स मिली। सुबह 4 बजे सिर्फ नर्स ने प्रसव कराया। पार्वती ने बच्ची को जन्म दिया जो कि स्वस्थ है। गोपाल कृष्ण बैरागी ने बताया कि प्रसव के बाद पत्नी को घबराहट होने लगी। डॉक्टर को बुलाने सुबह 5.30 बजे उनके घर गया, लेकिन डॉ. सुधीर कश्यप ने आने से मना कर दिया। बोले- मेरी ड्यूटी 9 बजे से है। डॉक्टर नहीं होने से हालत बिगड़ती चली गई। सुबह 7.30 बजे डॉ. कश्यप आए। इसके बाद डॉ. कश्यप ने शिवपुरी रैफर कर दिया।
मृत हालत में लाई गई जिला अस्पताल
जिला अस्पताल शिवपुरी डॉ. सुरेश कुमार पिप्पल ने बताया कि प्रसूता को एंबूलेंस से शिवपुरी जिला अस्पताल लाए, वह मरी हुई आई थी। मेरा मानना है कि लोग गुस्से में आकर अस्पताल में तोडफ़ोड कर देते हैं। हो सकता है कि इसी वजह से वहां के डॉक्टर ने प्रसूता को रेफर कर दिया हो।
प्रसूता को शिवपुरी रैफर किया गया था
सामुदायिक अस्पताल बदरवास डॉ. सुधीर कश्यप ने बताया कि मेरी ड्यूटी सुबह 9 बजे से थी। प्रसूता का पति सुबह 7.45 बजे घर आया। जैसे ही पहुंचकर देखा तो एनीमिक होने की वजह से प्रसूता का शरीर सफेद पड़ चुका था। रात में डिलेवरी के समय भी स्टाफ ने मुझे नहीं बताया। तुरंत एंबुलेंस बुलवाई, ऑक्सीजन लगाकर प्रसूता को शिवपुरी रेफर कर दिया, तब पल्स चल रही थी।
Updated on:
26 Nov 2019 02:07 pm
Published on:
26 Nov 2019 01:39 pm
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