
एसी, कूलर चलाने से पहले यूपी की जनता इस गाइडलाइन को जरूर देखें, यह कोरोना वायरस से बचाएंगा
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के डर से लोग अपने घरों में एसी, कूलर चलते हुए डर रहे हैं। बहुत सारे लोगों को मानना है कि ठंड से कोरोना वायरस बढ़ जाता है। और गर्मी से कोरोना संक्रमण नहीं फैलता है। पर आप घबराएं नहीं भारत सरकार ने गाइडलाइन जारी की है, जिसमें यूपी की जनता को बताया है कि संक्रमण से ताजी हवा बचाती है। कमरे में एसी चलाएं, कूलर चलाएं पर खिड़की जरूर खोलें। इससे हवा के जरिये संक्रमण की संभावना कम होगी। गाइडलाइन में बताया गया है कि आफिस, अस्पताल और बड़ी जगहों के लिए अंदर की अशुद्ध हवा बाहर जाने और बाहर की ताजी हवा आने की व्यवस्था रखें।
भारत की हीटिंग, रेफ्रिजरेटिंग और एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स सोसायटी (आईशेयर) की मदद से यह गाइडलाइन तैयार की गई है। आईशेयर का जन्म वर्ष 1981 हुआ, इसमें 41 शहरों के 29 हजार इंजीनियर जुड़े हैं। आईशेयर ने चीन के 100 शहरों में हुए अध्ययन के हवाले से दावा किया कि अधिक तापमान पर हवा से संक्रमण घट सकता है। हवा से संक्रमण न फैले, इसलिए बाहर की हवा अंदर जाने के साथ ही इंडोर हवा का निकलने की व्यवस्था जरूर रखें।
गाइडलाइन :-
एसी :- कमरे का तापमान 24 से 30 डिग्री सेल्सियस रखें ताकि गर्मी लगे तो पंखा भी चला लें ताकि पूरे कमरे में ठंडक फैले। खिड़की थोड़ा खोल कर रखें ताकि प्राकृतिक हवा अंदर आ सके।
कूलर :- कूलर को बाहर की ताजी हवा मिलती रहे, पानी को बाहर निकाल दें। कमरे की खिड़की को थोड़ा सा खोलकर रखें ताकि कूलर में बनी नमीं निकल सके।
पंखें :- पंखें चलाते समय खिड़की खोल कर रखें और एग्जॉस्ट भी चलाएं ताकि वेंटीलेशन बना रहे।
सबसे जरूरी बात:- कोरोना वायरस पर तापमान का कितना असर
1. सर्वाधिक संक्रमण :- आई शेयर के अनुसार के अनुसार 7—8 डिग्री सेल्सियस पर हवा से सबसे अधिक होता है। 4 डिग्री सेल्सियस पर 14 दिन तक जीवित रह सकता है।
2.माध्यम संक्रमण :- 20-24 डिग्री पर संक्रमण की रफ्तार घटने लगती है। 30 डिग्री में यह और कम हो जाती है। 37 डिग्री में यह 1 दिन तक जीवित रहता है।
3. सबसे कम :- 56 डिग्री पारा होने पर यह वायरस 30 मिनट तक जिंदा रह सकता है गर्मी बढ़ने पर संक्रमण की रफ्तार भी बेहद कम हो जाती है।
Published on:
26 Apr 2020 06:56 pm
बड़ी खबरें
View Allश्रावस्ती
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
