यूपी में एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसमें अपने ही बेटे के खिलाफ उसकी मां बहन और पत्नी ने गवाह दिया है। जिससे आरोपी को फांसी की सजा हुई है।
किशोरी की दुष्कर्म और हत्या के बाद शव छुपाने के आरोपी बेटे के खिलाफ उसकी मां बहन और पत्नी ने गवाह दिया। न्यायालय ने इस मामले में आरोपी को साढ़े चार महीने के भीतर फांसी की सजा सुनाई है। तथा चार लाख रुपए का अर्थ दंड लगाया है।
यूपी के श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। हत्या का राज न खुलने पाए इसलिए आरोपी ने शव को बोरे में रखकर पयागपुर थाना क्षेत्र के मिर्चिहा गांव के पास नहर के किनारे झाड़ियां में फेंक दिया था। इस मामले में जिला सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाते हुए चार लाख रुपए का अर्थ दंड लगाया है। शायद यह देश या प्रदेश का पहला मामला रहा होगा। जिसमें आरोपी के खिलाफ उसकी मां, बहन और पत्नी ने खुद गवाह दिया है।
साढ़े माह में आया फैसला और हो गई फांसी की सजा
श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली काल्पनिक नाम शालू का 12 जून 2023 को गांव की ही एक युवक ने अपहरण कर लिया। इसके बाद सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। घटना को छुपाने के लिए आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर नहर के किनारे झाड़ियां में फेंक दिया। इस मामले में किशोरी के पिता की तहरीर पर आरोपी के शील कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र भेज दिया। मामले की सुनवाई जिला अपर सत्र न्यायाधीश क्राईम अगेंस्ट वूमेन) करुणा सिंह की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र बहादुर सिंह और विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) रोहित गुप्ता कर रहे थे। सुनवाई के दौरान न्यायालय पर उपस्थित होकर सोलह गवाह ने अपने बयान दर्ज कराई जिसमें आरोपी की मां बहन और पत्नी की शामिल थी। अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को फांसी की सजा तथा चार लाख रुपए जुर्माना लगाया है जुर्माना न अदा करने पर अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगा।
दंपति बोले- न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा
अदालत ने सजा देने से पहले मृतका के मां-बाप से पूछा आप भी कुछ कहना चाहते हैं। जिस पर दंपति ने कहा कि हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उसके कुछ ही देर बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश( क्राईम अगेंस्ट वूमेन) ने अपने सौ पेज का फैसला सुनाया। जिसमें आरोपी को फांसी की सजा और 4 लाख रुपए का अर्थ दंड लगाया गया है।
पुलिस की पूछताछ में कबूला था जुर्म
दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने जब आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को पूरी घटना बयान किया था। उसने कहा कि उसकी पत्नी गर्भवती थी। इसलिए वह शारीरिक संबंध बना नहीं पा रहा था। मृतका का उसके घर आना जाना लगा रहता था। कई बार हमने उसके साथ छेड़छाड़ किया। लेकिन उसने कोई विरोध नहीं किया। मृतका के साथ जब हमने जबरन गलत काम किया। तो उसने यह बात सबसे बताने के लिए कहा, इसके बाद हमने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। उसनेअपने बचाव के लिए बहुत प्रयास किया। जब उसकी मौत हो गई तो हमने इस राज को छुपाने के लिए दूसरे थाना क्षेत्र में उसका शव ले जाकर झाड़ियां में छुपा दिया।