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योगी सरकार के 6 साल: यूपी के एक CM ऐसे भी, जो डेढ़ दिन ही पद पर रहे

Yogi Adityanath Govt 6 Years: योगी आदित्यनाथ ने लगातार 6 साल सीएम रहकर रिकॉर्ड बनाया है तो जगदंबिका पाल के नाम सबसे कम समय मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है।

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Jagdambika Pal

जगदंबिका पाल इस समय UP के डुमरियागंज से सांसद हैं

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च को 6 साल पूरे कर लिए हैं। योगी आदित्यनाथ पहले सीएम हैं, जो लगातार 6 साल पद पर रहे हैं। यूपी की राजनीति में एक नेता ऐसे भी हैं, जो डेढ़ दिन सीएम रह सके थे।

21 फरवरी 1998 में CM बने थे जगदंबिका पाल
साल 1998 में उत्तर प्रदेश को एक दिन का सीएम मिला था, इस सीएम नाम जगदंबिका पाल है। मौजूदा दौर में भाजपा के सांसद जगदंबिका पाल उस समय अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस के विधायक थे। लोकतांत्रिक कांग्रेस का गठन जगदंबिका पाल ने 1997 में नरेश अग्रवाल और राजीव शुक्ला के साथ किया था।

उत्तर प्रदेश में 1998 में भाजपा के कल्याण सिंह सीएम थे। बहुजन समाज पार्टी का भाजपा को समर्थन था। 21 फरवरी, 1998 में एक नाटकीय घटनाक्रम हुआ। पहले मायावती ने भाजपा से समर्थन वापसी का ऐलान कर दिया। इसके बाद कल्याण सिंह सरकार में ही मंत्री जगदंबिका पाल को सपोर्ट का ऐलान कर दिया।


रात 10 बजे दिलाई गई शपथ
समर्थन वापसी के ऐलान के बाद मायावती 21 फरवरीको करीब दो बजे राजभवन पहुंचीं। मायावती के साथ अजीत सिंह की भारतीय किसान कामगार पार्टी, जनता दल और लोकतांत्रिक कांग्रेस के भी विधायक थे। राजभवन जाकर मायावती ने राज्यपाल कल्याण सिंह सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही उन्होंने जगदंबिका पाल को विधायक दल के नेता बताते हुए उनके समर्थन में पत्र सौंप दिया।

मायावती का पत्र मिलने के बाद उस वक्त के उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रोमेश भंडारी ने कल्याण सिंह सरकार को बर्खीस्त कर दिया। इसके कुछ घंटे बाद 21 फरवरी की रात 10 बजे जगदंबिका पाल को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिला दी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जगदंबिका पाल IMAGE CREDIT:


कल्याण सिंह ने कहा- असली सीएम मैं ही हूं
उत्तर प्रदेश में हुए इस घटनाक्रम का भाजपा ने तीखा विरोध किया। पार्टी के उस समय के सबसे बड़े चेहरे अटल बिहारी वाजपेयी ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया। वहीं कल्याण सिंह ने कह दिया कि उनकी बर्खास्ती अवैध है, वो अभी भी सीएम हैं।

हाईकोर्ट ने भाजपा के हक में फैसला दिया
22 फरवरी की सुबह होते ही भाजपा ने जगदंबिका पाल की शपथ को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। हाईकोर्ट ने राज्यपाल के फैसले को गलत माना और कल्याण सिंह की सरकार को बहाल करने के आदेश दे दिए।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद फैसले से राज्यपाल रोमेश भंडारी और जगदंबिका पाल को तगड़ा झटका लगा। इसका नतीजा ये हुआ कि जगदंबिका पाल को इस्तीपा देना पड़ा। इसके साथ ही जगदंबिका पाल उत्तर प्रदेश के 31 घंटे के मुख्यमंत्री के तौर पर दर्ज हो गए।

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हाईकोर्ट के आदेश पर 26 फरवरी को यूपी विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ। इसमें कल्याण सिंह ने 225 विधायकों के समर्थन के साथ आसानी से विश्वास मत हासिल कर लिया।

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