
सीधी। सतना के कोल महाकुंभ से लौटते समय मोहनिया टनल के पास हुए हादसे में मृत सभी 14 लोग सीधी जिले के हैं। इनमें से 8 मृतक एक ही गांव रामपुर नैकिन के चोभरा के हैं। शनिवार को मृतकों के शव चोभरा पहुंचते ही गांव में मातम पसर गया। सोन नदी के किनारे जब आठ चिताएं एक साथ जलीं तो चित्कार गूंज उठी। वहीं, हादसे में घायल 57 लोगों में से तीन गंभीर घायलों को एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा गया है। 35 घायल अभी रीवा संजय गांधी अस्पताल और कुछ सीधी जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
एक घर से पति-पत्नी व पुत्र की उठी अर्थी
मृतकों में तीन लोग एक परिवार के हैं। चोभरा के छोटेलाल कोल (61), उनकी पत्नी राजकुमारी (55) व पुत्र चूड़ामणि (35) की एक साथ जोड़कर तीन चिताएं बनाई गई। वहीं इसी गांव में एक घर से जमुना कोल (60) व उनकी बहू ममता पति रामटहल (40) की अर्थी उठी। इसके अलावा मृतकों में गांव के मनऊ कोल (60), कुमरिया रावत पति मुन्ना (49) व मुन्नी पति भीमसेन वैश्य (55) शामिल हैं। मृतक चूड़ामणि कोल को उसके 12 वर्षीय पुत्र आशीष ने मुखाग्रि दी तो हर किसी की आंख नम हो गई। अंतिम संस्कार के समय बड़ी संख्या में गांव के लोगों के साथ ही जनप्रतिनिधि व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
शहर में बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर, 45 मिनट में पहुंचाया सतना
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शनिवार को तीन गंभीर घायलों प्रमोद पटेल, बिमला कोल और जितेन्द्र तिवारी को एयरलिफ्ट किया गया। रीवा से एम्बुलेंस से दो मरीजों को सतना और एक को खजुराहो से प्लेन की मदद से वेदांता हास्पिटल दिल्ली भेजा गया। एयर एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए शहर में ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया था। हर चौराहे का यातायात पुलिस ने रोक दिया था और पायलटिंग कर एंबुलेंस को सतना तक पहुंचाया। रास्ते के दूसरे थानों ने भी एंबुलेंस को निकलने के लिए रास्ता क्लीयर रखा और 45 मिनट में घायलों को सतना पहुंचाया गया। एक मरीज को खजुराहो से एयर लिफ्ट किया गया है। एयर लिफ्ट के लिए भेजे गए मरीजों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए एंबुलेंस में चिकित्सक भी भेजे गए है। इसके अलावा घायलों के एक-एक परिजन भी गए हैं।
घायलों को बचाने रक्तदान के लिए आगे आई पुलिस
हादसे में घायल लोगों को रक्त की आवश्यकता पर मदद के लिए पुलिस आगे आई। रीवा एसपी सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने रक्तदान किया। इसके साथ ही शहर के कई संगठनों के लोग भी घायलों की जान बचाने के लिए रक्तदान करने संजय गांधी अस्पताल पहुंचे थे।
कचरा वाहन में शव ले जाने का वीडियो वायरल
शनिवार सुबह हादसे में मृत कुछ लोगों के शव कचरा वाहन में रखने का वीडियो वायरल हुआ। हालांकि लोगों के विरोध के बाद शव वाहन उपलब्ध कराया गया। इस वीडियो को टैग करते हुए पूर्व मंत्री एवं सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने सरकार को आड़े हाथ लिया गया। इस पर कलेक्टर साकेत मालवीय ने सफाई दी कि मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद रात में ही ससम्मान उनके गृह ग्राम तक पहुंचा दिया गया था। साथ ही अंत्येष्टि की भी व्यवस्था की गई। जिस वाहन का वीडियो वायरल हो रहा है, उससे लकडिय़ां भेजी गई थीं।
Published on:
26 Feb 2023 01:04 am
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