
building collapse in surat : गुजरात के सूरत समेत कई इलाकों में बीते कई दिनों से जारी भारी बारिश के बीच शनिवार के एक बड़े हादसा हो गया। सचिन जीआईडीसी सिद्धि गणेश पाली गांव में स्थित एक 6 मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई। घटना के बाद से शुरु हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में अबतक 7 लोगों के शव मलबे से बाहर निकाले जाने की पुष्टि कर दी गई है। खास बात ये है कि हादसे में जान गवाने वालों में 7 में से 5 मृतक मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रहने वाले हैं। यहां गांव में एक साथ पांच मौते की खबर आते ही मातम सा पसर गया है। वहीं, घटना स्थल की बात करें तो बीते 18 घंटों से अब भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की जानकारी सामने आ रही है।
सूरत में स्थित बहुमंजिला इमारत ढहने से मध्य प्रदेश के सीधी जिले के परासी और दियाडोल गांव से मजदूरी करने गए पांच लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में परासी गांव में रहने वाले दो सगे भाईयों की भी जान चली गई है। हादसे की जानकारी लगते ही जिले के दोनों गांवों में मातम छा गया है। जबकि हादसे में जान गवाने वालों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल हैं।
घटना के बाद सीधी सांसद डॉ, राजेश मिश्रा ने स्थितियों का जायजा लेने के लिए सूरत सांसद मुकेश दलाल से बातचीत की है। उन्होंने व्यवस्था कराकर सभी शवों को सीधी पहुंचवाने की बात भी कही है। बताया जा रहा है कि बता दें कि अबतक के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 7 शवों को इमारत के मलबे से निकालने की पुष्टि की जा चुकी है। इनमें 5 शव सीधी जिले से मजदूरी करने गए लोगों के हैं।
1- हीरामणि केवट पिता बंभोली केवट, निवासी परासी, पोस्ट टिकरी, जिला सीधी मध्य प्रदेश।
2- लालजी केवट पिता बंभोली केवट, निवासी परासी, पोस्ट टिकरी, जिला सीधी मध्य प्रदेश
3- शिवपूजन केवट पिता शौखीलाल केवट, निवासी दियादोल, पोस्ट मझौली, जिला सीधी मध्य प्रदेश
4- प्रवेश केवट पिता शौखीलाल केवट निवासी दियादोल, पोस्ट मझौली, जिला सीधी मध्य प्रदेश
5- अभिलाष केवट पिता छोटेलाल केवट, कोटमा टोला मझौली, जिला सीधी मध्य प्रदेश।
सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बिल्डिंग गिरने के तुरंत बाद ही एक महिला को बचा लिया गया था, जबकि 3 अन्य शव रेस्क्यू के दौरान रात में ही निकाले जा चुके थे। जबकि, 4 और शव निकलने की पुष्टि रविवार की सुबह हो सकी है। हालांकि, अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए अब भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये दर्दनाक घटना शनिवार शाम करीब 4 बजे के आसपास घटी है। इमारत का निर्माण 2016-17 के बीच हुआ था। इमार में रहने वाले अधिकतर लोग मध्य प्रदेश समेत आसपास के राज्यों के रहने वाले हैं, जो आसपास की फैक्ट्रियों में काम करते हैं।
Updated on:
07 Jul 2024 12:43 pm
Published on:
07 Jul 2024 12:42 pm
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