
सीधी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीधी मे जिस तरह की अनियमितता करनी हो आराम से कर सकते हैं क्योंकि अनियमितता करने के बाद कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है। सिर्फ एक अधिकारी को समय-समय पर सुविधा शुल्क थमाते रहिए सबकुछ ठीक-ठाक चलता रहेगा। ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां बैंक के कुछ अधिकारियों के द्वारा शासकीय राशि मे से २ करोड़ ३९ लाख रुपए डकार लिया गया, किंतु विभाग के द्वारा कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर मामले को रफा दफा कर दिया गया है। किए गए घोटाले की राशि मे से बैंक फूटी-कौड़ी नहीं नसीब कर पाया है। जिससे दोषियों के हौसले बुलंद हैं। वहीं जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी इस अनियमितता को मुद्दा बनाना उचित नहीं समझा जा रहा है।
मालुम हो कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीधी मे अलग-अलग समय मे विभिन्न शासकीय मदो से घोटाले के १३० प्रकरण सामने आए हैं। जिसमें से २ करोड़ ३९ लाख रूपए बैंक व समिति स्तर पर घोटाले किए गए हैं। जिसमें से बैंक प्रशासन के बताया जा रहा है कि पांच प्रकरण मे किए गए घोटाले की राशि मे से ५ कर्मचारियों के बेतन से वसूली मासिक किश्त बनाकर की जा रही है। शेष १२५ मामले मे कितनी बसूली की गई, इस प्रश्र का जवाब बैंक प्रशासक के पास नहीं है।
यह दिया जा रहा जवाब-
जब किसी के द्वारा इस गवन खयानत की जानकारी मांगी जाती है तो बैंक प्रशासक के द्वारा रटा रटाया जवाब प्रस्तुत कर दिया जाता है। जिसमें कहा जाता है कि बैंक स्तर पर दो प्रकरण जिसमें १९ लाख ७८ हजार रूपए का गवन खयानत किया गया है। वहीं समिति स्तर पर १२८ प्रकरण में २ करोड़ १९ लाख २५ हजार राशि का गवन खयानत किया गया है। जिसके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई के नाम पर कोरमपूर्ति-
बैंक सीइओ के द्वारा बताया गया कि ५ कर्मचारियो से की गई गवन की राशि से मासिक वसूली बेतन से की जा रही है। बैंक द्वारा प्रस्तुत सूची में १२७ प्रकरण धारा ६४ मे दायर, ५० प्रकरणो मे एफआइआर दायर और १२८ प्रकरणों मे बीमा क्लेम किया जाना दर्शित है, किंतु उक्त कार्रवाई सिर्फ कागजी साबित हो रही है, गवन करने वाले कर्मचारियों को न तो आर्थिक और नहीं नौकरी गवाने का ही नुकसान पहुंचा है।
घोटाले के बाद भी बजा रहे ड्यिुटी-
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक व समितियों मे घोटाले करने वाले एक सैकड़ा से ज्यादा कर्मचारी बेखौक ड्यिुटी बजा रहे हैं। घोटाला करने के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई न होने से उसी पथ पर अन्य कर्मचारी भी चलने को तैयार हैं, जिसके कारण बैंक के अर्थब्यवस्था की कमर टूट चुकी है।
Published on:
30 Apr 2020 12:16 am
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