
कलेक्टर सीधी रवींद्र कुमार चौधरी
सीधी. कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी की इस Polish से पीड़ितों की मदद की अच्छी पहल हुई है। इसके तहत चिटफंड कंपनियों के पीड़ितों की मदद के कलेक्टर ने नई योजना लागू की है। योजना के तहत चिटफंड कंपनियों की अचल संपत्ति कुर्क होगी और कुर्की से प्राप्त रकम को पीड़ितों के बीच वितरित किया जाएगा।
कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने चिटफंड कंपनी एचएनसी इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड शेयर्स इंडिया लिमिटेड तथा उसके संचालकों की चल-अचल सम्पत्ति की बिक्री पर रोक के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने कंपनी के नाम सीधी जिले के रामपुर नैकिन तहसील के ग्राम शिकारगंज में स्थित 18.75 हेक्टेयर जमीन की कुर्की के आदेश दिए हैं। इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 96 लाख रूपये है। इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक सीधी तथा पुलिस अधीक्षक सिंगरौली के निर्देशन में पुलिस ने चिटफंड कंपनी एचएनसी इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड शेयर्स इंडिया लिमिटेड तथा उसके संचालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। चिटफंड कंपनी के विरूद्ध प्रकरण दर्ज होने पर इसके संचालक सहित पांच आरोपी फरार हैं। पुलिस इन्हें सरगर्मी से तलाश रही है। इस प्रकरण में कलेक्टर ने मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की है।
बता दें कि सीधी जिले में 2010 से पड़ैनिया पेट्रोल पंप के पास एचएनसी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड शेयर्स इंडिया लिमिटेड की शाखा संचालित है। इसके संचालक रामाधार चौधरी निवासी बोदाबाग रीवा हैं। कंपनी का मुख्यालय अनंतपुर रीवा में है। कंपनी में सतीश कुमार आर्य निवासी रघुनाथपुर जिला सतना, रामनरेश सहगल निवासी समान बेलौहन टोला रीवा मुख्यालय में कार्य कर रहे हैं। सीधी स्थित कंपनी की शाखा के ब्रांच मैनेजर अशोक चौधरी निवासी पड़रा आरटीओ आफिस के पास सीधी हैं।
सीधी में ही ब्रांच मैनेजर के रूप में राजकुमार साकेत निवासी सीधी, महेंद्र नवैत पुलिस लाइन सीधी, ओपी गुप्ता सीधी, रामरतन पाल ग्राम कोठार जिला सीधी कार्यरत थे। इन्होंने गांव-गांव जाकर कंपनी का प्रचार करके लोगों से पांच साल में राशि जमा होने का लालच देकर बड़ी मात्रा में राशि जमा करायी गई, जबकि कंपनी एचएनसी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड शेयर्स इंडिया, भारतीय रिजर्व बैंक अथवा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी से धन जमा करने की अनुमति प्राप्त नहीं है। कंपनी ने आमजनता से अवैध तरीके से धनराशि जमा कराई है।
कंपनी के विरूद्ध रामलखन यादव निवासी ग्राम खिरखोरी द्वारा थाना जमोड़ी जिला सीधी में शिकायत दर्ज करायी गई थी। प्रकरण की विवेचना के दौरान पाया गया कि चिटफंड कंपनी का संचालन बंद कर दिया गया है तथा इससे जुड़े लोग भागे हुए हैं। रामलखन यादव ने 96 व्यक्तियों की सूची प्रस्तुत की है जिनसे चिटफंड कंपनी ने अवैध तरीके से राशि जमा कराई है। इसी प्रकार सियावती विश्वकर्मा निवासी नौढिया ने 132 व्यक्तियों की सूची प्रस्तुत की है। कंपनी के विरूद्ध दिनेश यादव, रामदयाल विश्वकर्मा तथा अन्य कई व्यक्तियों ने भी अवैध तरीके से राशि जमा कराने तथा जमा राशि वापस न देने की शिकायत की है। इस पर कार्यवाही करते हुए कलेक्टर ने चिटफंड कंपनी के विरूद्ध कार्रवाई की है।
Published on:
05 Mar 2021 11:07 pm
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