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जागरुकता का अभाव: उपभोक्ताओं को नहीं अधिनियम की जानकारी, नापतौल के नाम पर हो रही लूट

उपभोक्ता संरक्षण दिवस पर भी नहीं हुए कार्यक्रम

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consumer protection act kya hai

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सीधी। जिले में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का मखौल उड़ाया जा रहा है। नापतौल व खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिककारी खानापूर्ति में जुटे रहते हैं। बाजार में उपभोक्ताओं से हो रही लूट की जानकारी लेना तक मुनासिब नहीं समझते। न ही इसके लिए उन्हें जागरूक करने की जरूरत समझी जा रही है।

स्थिति ये है कि सोमवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस है, लेकिन इस दिन भी कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किया गया। प्रशासन की अनदेखी से ग्राहकों के साथ बेखौफ गड़बड़ी की जा रही है। तौल कांटे व पेट्रोल पंपों में सत्यापन नहीं किया जाता। विभागीय अफसर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से साफ इनकार करते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं से लूट जारी है।

यह ध्यान रखें उपभोक्ता
- रेडीमेड, मेडिकल, मिठाई और अन्य सामग्री लेने के साथ बिल जरूर लें।
- तौलकर एवं मापकर वस्तुएं क्रय करते समय नापतौल विभाग से सत्यापित एवं वैध उपकरणों से मापकर तौलकर वस्तुएं क्रय करें।
- तराजू एवं काउंटर स्केल से वस्तुओं का वजन करते समय ध्यान दें। निर्धारित बाट के बराबर वजन कर सेंटर का कांटा स्थित रहता है।
- सामान तौलते समय व्यापारी जल्दबाजी न करें इससे वजन सही नही होता।
- इलेक्ट्रानिक बैलेंस से वजन कर वस्तुएं क्रय करते समय देखें कि इण्डिकेटर शून्य दर्शा रहा है या नहीं।
- तरल पदार्थ खरीदते समय देखें कि माप उपकरण पिचका हुआ या मुड़ा हुआ न हो तथा मापने वाला माप को आड़ा तिरछा न रखें।
- गैस सिलेंडर में गैस का वजन एवं खाली सिलेंडर का वजन अंकित रहता है। वजन कम की शंका पर इसे तुलवा लें।
- पैकिंग की सामग्री पर कस्टमर केयर का नंबर देखकर लें।

यह है कमी
- जिला हेल्पलाइन नहीं
- सब्जी मंडी चेकिंग नहीं होती
- मिलावटी सामग्री की जांच के बाद कार्रवाई का खुलासा नहीं होता
- खुली खाद्य सामग्री प्रतिबंधित हो।

ये भी अनदेखी
बाजार में अब भी कम नापतौल, एक्सपाइरी डेट की सामग्री, मिलावटी सामान, सेवाओं में कमी, नकली सामान, क्षतिग्रस्त उत्पाद, ग्राहकों के हाथ में दिया जा रहा है।

ऐसा है कार्रवाई का प्रावधान
- खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं 2011 के तहत कार्रवार्ई का भी प्रावधान है।
- अवमानक स्तर पर 5 लाख की पेनाल्टी
- मिथ्या छाप पर 3 लाख जुर्माना हो सकता है।
- असुरक्षित खाद्य सामग्री बेचने पर 6 माह तक की सजा हो सकती है।