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सीधी। जिला अस्पताल में शुक्रवार को सफाई न होने से बरामदे से वार्डों तक गंदगी फैली रही, शौंचालयों एवं आंगन में भी गंदगी का आलम व्याप्त रहा, लिहाजा मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ ही नर्सांे व चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ को भी नाक दबाकर रहना पड़ा। जिला अस्पताल में यह समस्या रोगी कल्याण समिति द्वारा रखे गए करीब दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों के अचानक हड़ताल में चले जाने से शुरू हुई। दोपहर बाद चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा अस्पताल में कार्यरत करीब आधा दर्जन नियमित सफाईकर्मियों से सफाई करवाई गई जिससे कुछ हद तक व्यवस्था दुरूस्त हो पाई।
मेडिकल वार्ड में सर्वाधिक गंदगी-
सफाईकर्मियों के अचानक शुक्रवार से काम बंद हड़ताल शुरू कर दिए जाने से सबसे अधिक समस्या मेडिकल वार्ड में हुई। मौषमी बीमारी खासकर उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या बढऩे से मेडिकल वार्ड का मेल एवं फीमेल वार्ड मरीजों से भरा पटा है, यहां क्षमता से दो गुना मरीज भर्ती किए गए हैं, मरीजों की संख्या ज्यादा होने से वार्ड के साथ ही बरामदे में उन्हे फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है, उल्टी दस्त के मरीजों के कारण वार्ड, बरामदा व शौंचालय मेें गंदगी बढ़ गई है, सफाई न होने से शुक्रवार की सुबह तक गंदगी से बुराहाल था, बरामदे में तो उल्टी व दस्त पड़ी थी, और वहीं मरीज भी भर्ती थे, ऐसे में संक्रमण का खतरा भी बना हुआ था।
गंदगी से पटे शौंचालय, बरामदे में शौंच करते दिखे मरीज-
शुक्रवार को जिला अस्पताल में सफाई न होने से मेडिकल वार्ड से जुड़े शौंचालय गंदगी से पट चुके थे, गंदगी इतनी ज्यादा थी कि मरीज व उनके परिजन शौंचालय के अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहे थे, ऐसी स्थिति में शुक्रवार को दोपहर तक मरीज बरामदों में ही शौंचक्रिया करते देखे गए। वहीं मरीजों के परिजना सुलभ शौंचालय की ओर भागते नजर आए।
इसलिए शुरू की गई हड़ताल-
जिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था के लिए आठ नियमित सफाईकर्मी कार्यरत हैं, इसके अलावा करीब 30 सफाईकर्मी जिला रोगी कल्याण समिति के द्वारा रखे गए हैं। रोगी कल्याण समिति के सफाई कर्मियों का आरोप है कि अप्रैल माह के बाद से हमे वेतन भुगतान नहीं किया गया है, इस मामले में जब सिविल सर्जन डॉ.एसबी खरे से बात की जाती है तो उनका व्यवहार सही नहीं रहता, हमारे साथ अभद्रता की जाती है, इसके साथ ही सफाई सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई जाती, पर्याप्त सफाई सामग्री उपलब्ध न होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, जिस पर उनके द्वारा फटकार लगाई जाती है। सिविल सर्जन के कार्य व्यहार व वेतन न मिलने से ही सफाईकर्मियों द्वारा शुक्रवार की सुबह से अचानक काम बंद हड़ताल शुरू कर दी गई।
सफाईकर्मियों ने कलेक्टर से की शिकायत-
जिला अस्पताल के सफाईकर्मियों द्वारा काम बंद हड़ताल शुरू करने के साथ ही कलेक्टर को एक शिकायती आवेदन भेजा गया है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि हमे नियमित रूप से मजदूरी भुगतान नहीं किया जाता, मजदूरी मांगने पर सिविल सर्जन डॉ.एसबी खरे द्वारा हमे धमकाया जाता है, और अभद्रता की जाती है, इसलिए हम लोगों द्वारा सामूहिक रूप से काम बंद हड़ताल शुरू की गई है।
वरिष्ट अधिकारियों को कराया गया है अवगत-
सिविल सर्जन डॉ.एसबी खरे शासकीय कार्य से बाहर हैं। ऐसे में सफाई कर्मियों द्वारा उनके ऊपर विभिन्न आरोप लगाते हुए काम बंद हड़ताल शुरू कर दी गई है, इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हुुई है, नियमित सफाईकर्मियों से सफाई कराई जा रही है, सफाई कर्मियों को मनाने का प्रयाश किया गया पर वो नहीं माने। एसडीएम गोपद बनास व कलेक्टर को मामले से अवगत करा दिया गया है।
डॉ.केपी गुप्ता
प्रभारी सिविल सर्जन, जिला अस्पताल सीधी
Published on:
21 Jun 2019 09:23 pm
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