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शर्मनाक: 1050 रुपए की लोन किस्त जमा नहीं हुई तो दुधमुंहे बच्चे के साथ महिला को ही उठा लाए फाइनेंसकर्मी

- सीधी में फाइनेंस कंपनी की मनमानी

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सीधी

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Deepesh Tiwari

Mar 12, 2023

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सीधी। एक हजार पचास रुपए की लोन किस्त जमा नहीं कर पाने पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी गांव से दुधमुंहे बच्चे के साथ महिला को भी उठा ले आए। पति को किस्त की राशि कार्यालय में जमा कर पत्नी और बच्चे को ले जाने को कहा। घंटेभर महिला बच्चे के साथ कार्यालय में बैठी रही। जब दिन ढल गया तो महिला बच्चे को लेकर सड़क पर बैठ गई और बिलखने लगी। उधर, पति लोन की किस्त 1050 रुपए की व्यवस्था में भटकता रहा। महिला को दुधमुंहे बच्चे के साथ सड़क पर बिलखते देख कॉलोनी की महिलाओं ने घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने महिला को उसके बच्चे के साथ बैंककर्मियों के माध्यम से उसके घर भिजवाया। घटना शुक्रवार शाम की है।

जिला मुख्यालय के समीपी डेवाडांड़ निवासी खुशबू पति ललऊ कोल ने शहर के उत्तर करौंदिया में संचालित भारत फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से समूह के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए लोन लिया था। कंपनी ने 1050 रुपए साप्ताहिक किस्त बनाई थी। इस सप्ताह किस्त जमा करने में देरी हुई तो शुक्रवार शाम फाइनेंसकर्मी महिला के घर पहुंच गए। पीडि़त महिला के अनुसार, बैंककर्मियों ने डरा, धमकाकर कहा कि तत्काल बकाया किस्त जमा करो नहीं तो जेल जाना पड़ेगा। खुशबू ने घर में एक भी पैसा नहीं होने की बात कही तो कर्मचारी महिला और उसके दो माह के बच्चे को लेकर सीधी आ गए।

ऐसे भी किया जा रहा है पुलिस के साथ धोखा
ज्ञात हो कि इससे पहले डबरा स्थित एक फायनेंस कंपनी के मैनेजर ने डबरा सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ 11,77,000/- रुपये की लूट हो गई है। वो फायनेंस कंपनी का पैसा बैंक में जमा करने जा रहा था तभी बदमाशों ने उसे एक मैरिज गार्डन के पास घेरकर डंडा मारकर लूट किया और फरार हो गए।

इस शिकायत पर भीड़ भरे रास्ते पर दिनदहाड़े हुई इस घटना पर पुलिस चौकन्नी हुई और उसने जब जांच शुरू की तो कुछ संदेह भी हुआ। एसएसपी ने बताया कि घटना की गम्भीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी ग्रामीण जयराज कुबेर, एडिशनल एसपी क्राइम राजेश दंडोतिया, एसडीओपी डबरा विवेक शर्मा, टीआई डबरा सिटी थाना और क्राइम ब्रांच थाने की टीम बनाकर जाँच के निर्देश दिए।

पुलिस ने इस दौरान करीब 300 सीसीटीवी के फुटेज चैक किये करीब 1000 मोबाइल फोन नंबर, कारण 100 संदेहियों से पूछताछ की। उसके बाद जो कहानी सामने आई वो चौकाने वाली थी। दरअसल फरियादी फायनेंस कंपनी के मैनेजर ने ही खुद के साथ लूट की घटना को अंजाम देने की स्क्रिप्ट लिखी थी। क्योंकि वो IPL सट्टे में बड़ी रकम हार गया था और सटोरिया उससे पैसे मांग रहा था।