
Shivam Mishra Suicide Case
सीधी. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट में पदस्थ डॉक्टर शिवम मिश्रा की आत्महत्या के मामले में जांच के लिए कलेक्टर ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। एसडीएमअर्पित वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम को सप्ताह भर में जांच पूरी कर प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर की ओर से इस जांच समिति का गठन सपाक्स अधिकारी कर्मचारी संगठन की ओर से सौंपे ज्ञापन को आधार बनाकर किया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट में पदस्थ डॉ. शिवम मिश्रा ने 26 जनवरी को चुरहट अस्पताल परिसर स्थित शासकीय आवास में सुबह 9 से 12 बजे की बीच फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। डॉ. शिवम मिश्रा की आत्महत्या को लेकर आरोप थे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट की एक नर्स की झूठी शिकायत पर डॉ. शिवम मिश्रा पर छेड़छाड़ व एसएसटी एक्ट के तहत चुरहट थाने में अपराध पंजीबद्ध किया। इस मामले में डॉ. शिवम मिश्रा को लगातार प्रताडि़त किया जा रहा था, जिससे डॉ. शिवम मिश्रा ने आत्महत्या की। सपाक्स अधिकारी कर्मचारी संगठन जिला इकाई सीधी ने आरोप लगाते हुए कलेक्टर को 28 जनवरी को आवेदन पत्र सौंपकर उक्त आत्महत्या की जांच कराए जाने की मांग की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर द्वारा डॉ.शिवम मिश्रा द्वारा की गई आत्महत्या की जांच करने हेतु चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम को एक सप्ताह में प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए।
जांच समिति मेें ये शामिल
चार सदस्यीय इस जांच समिति का अध्यक्ष चुरहट एसडीएम अर्पित वर्मा को बनाया है, जबकि सदस्यों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, केके पांडेय उपसंचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा शिवशंकर शुक्ला नायब तहसीलदार चुरहट शामिल हैं।
सपाक्स पूरे प्रदेश में निकालेगा कैंडल मार्च
सपाक्स अधिकारी कर्मचारी संगठन का आरोप है कि डॉ. शिवम मिश्रा को झूठे एट्रोसिटी एक्ट में फंसाया था। इससे उन्होंने आत्महत्या की। डॉ. शिवम मिश्रा को न्याय दिलाने के लिए सपाक्स की ओर से 1 फरवरी को पूरे प्रदेश में कैंडल मार्च निकाल विरोध प्रकट करने का निर्णय लिया है। सपाक्स का कहना है कि युवा डॉ. शिवम मिश्रा पर संविदा नर्स के एससी एसटी एक्ट में झूठे फं साने से शासकीय आवास में आत्महत्या कर ली। पूरे प्रदेश मे एससी-एसटी एक्ट पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध संसद में पास हुए काले कानून के खिलाफ रोष है। सपाक्स का कहना है कि डॉ. शिवम मिश्र की आत्महत्या नहीं बल्कि काले कानूनद्वारा हत्या है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को पुन: लागू किया जाए और इस केस की सीबीआई जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। र्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने बताया कि डॉ. शिवम मिश्रा को न्याय दिलाने के लिए सपाक्स जिला इकाई सीधी की ओर से 1 फरवरी को शाम 5.30 बजे कलेक्ट्रेट सीधी से हॉस्पिटल तिराहा होते हुए सम्राट चौक, गांधी चौक तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
Published on:
31 Jan 2019 07:11 pm
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