
Plunder conspiracy, salesman arrested
सीधी। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की हुई बंपर खरीदी के बावजूद भंडारण व परिवहन की गति बहुत धीमी है। यही वहज है कि कारण खरीदी की तिथि समाप्त होने के सात दिन बाद भी करीब 40 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। इधर, मौसम का मिजाज हर दिन बदल रहा है।
किस दिन तेज बारिश हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन प्रशासन इस बात से बेपरवाह बना हुआ है। जबकि, बारिश में भीगने के बाद गेहूं किसी लायक नहीं बचता। पहले भी प्रशासन ऐसी स्थितियों से दो चार हो चुका है, लेकिन फिर वही गलती दोहराई जा रही है।
लक्ष्य से डेढ़ गुना खरीदी
जिले में गेहूं उपार्जन के लिए बनाए गए 34 खरीदी केंद्रों के लिए दो लाख क्विंटल खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन इस दौरान तीन लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीद लिया गया। ज्यादातर केन्द्रों में अब भी बड़ी मात्रा में गेहूं खुले में पड़ा हुआ है।
चुरहट में सर्वाधिक खरीदी
जिले के 34 खरीदी केंद्रों में चुरहट केंद्र मे सबसे ज्यादा खरीदी की गई है। उपार्जन केंद्र चुरहट में 20 हजार 35क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई है। इसके बाद खरीदी केंद्र सीधी खुर्द में 17 हजार 670 क्विंटल, ताला में 17 हजार 2 क्विंटल, मड़वास में 16 हजार 432 क्विंटल, सेमरिया में 16 हजार 110 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई।
पहले भी भीग चुका है गेहूं
पहले भी दो बार हो चुकी बारिश से जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों में खुले में रखा सैकड़ो क्विंटल गेहूं भीग चुका है। भीगने के बाद कर्मचारियों ने इसे ढंकवाया दिया और बाद में भंडारण के लिए भिजवा दिया था।
इन केंद्रों में खरीदी सबसे कम
जिले के आधा दर्जन खरीदी केेंद्रों में अपेक्षानुरूप कम मात्रा में गेंहू की खरीदी हो पाई है। जिसमें खरीदी केंद्र टमसार में मात्र 2 हजार 825 क्विंटल, लुरघुटी में 2 हजार 909 क्विंटल, टिकरी में 3 हजार 353 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई है।
सात हजार किसानों ने दिया गेहूं उपार्जन को समर्थन
समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए किसान शुरुआती दौर में नहीं आए, लेकिन इसके अंतिम दौर में उन्होंने खुलकर इसे अपना समर्थन दिया। अंतत: जिले के सात हजार 628 किसानों ने 3 लाख 43 हजार 17 क्विटल गेहूं की बिक्री कर दी।
Published on:
03 Jun 2018 01:09 pm
बड़ी खबरें
View Allसीधी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
