7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीमेंट फैक्ट्रियों का कारनामा: जेके और जेपी सीमेंट प्लांट को 52 एकड़ भूमि देकर भी रोजगार के लिए भटक रहे युवक

कंपनी के लिए भूमि लिया और नहीं दिया रोजगार

2 min read
Google source verification
JK-Jp Cement Plant To Provide 52 Acres Of Land To Youth

JK-Jp Cement Plant To Provide 52 Acres Of Land To Youth

सीधी. केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार निजी उद्योगों में 50 प्रतिशत स्थानीय लोगों को नौकरी देने की बात कह रही है लेकिन जमीन देने के बाद भी कंपनियां किसानों के आश्रितों को नौकरी में नही रख रही है। रामपुर नैकिन तहसील के अंतर्गत ग्राम मझिगंवा में संचालित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में 52 एकड़ भूमि देने के बाद भी किसान के आश्रितों को नौकरी नहीं दी जा रही है। ग्राम मझिगंवा निवासी बैकुंठ तिवारी ने वर्ष 1984 में जब मझिगंवा में जेके सीमेंट प्लांट की स्थापना की गई थी तब 17 जनवरी 1984 को 9.097 हेक्टेयर जमीन 4 हजार रुपए एकड़ में दी थी। जिसमें सीमेंट प्लांट की स्थापना की गई थी, किंतु जेके सीमेंट कंपनी द्वारा अपरिहार्य कारणों से प्लांट चालू नहीं कर पाया था और वह अपना प्लांट जेपी ग्रुप को बिक्री कर दिया था।

अल्ट्राटेक कंपनी के विरुद्ध आंदोलन करेंगे ग्रामीण
उसके बाद जेपी सीमेंट प्लांट द्वारा 20 एकड़ जमीन बैकुंठ तिवारी से लेकर विधिवत रजिस्ट्री कराकर उनके आश्रितों को कंपनी में नौकरी देने की बात कही थी। इतना ही नहीं बाणसागर नहर में जो भूमि बैकुंठ तिवारी की अधिग्रहण की गई 5.62 एकड़ भूमि भी जेपी सीमेंट द्वारा ले ली गई थी। बैकुण्ठ तिवारी की मृत्यु 14 नवंबर 2007 को हो जाने के बाद जेपी सीमेंट फैक्ट्री के डायरेक्टर सन्नी गौर उनके घर आए थे और उनके दोनों नातियों को नौकरी देने की बात कही थी। उसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा बैकुंठ तिवारी के दोनों नातियों रजनीश तिवारी पिता अनिल तिवारी, राजीव तिवारी पिता अनिल तिवारी को कार्ड होल्डर की नौकरी में यह कहकर रखा गया कि एक दो साल बाद सीमेंट रोल में रख दिया जाएगा।

सीमेंट फैक्ट्रियों का कारनामा
इस संबंध में जानकारी देते हुए रजनीश तिवारी ने बताया कि मेरे बाबा बैकुंठ प्रसाद तिवारी ने अपनी पूरी भूमि सीमेंट प्लांट को दे दी है। मेरी पैत्रिक भूमि पर ही सीमेंट प्लांट संचालित है। इन सबके बावजूद भी मुझे व मेरे भाई को सीमेंट प्लांट में श्रमिक के तौर पर काम पर रखा गया है। जबकि कंपनी के द्वारा सीमेंट रोल में नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। तिवारी ने बताया कि मेरी हालत काफी दयनीय है और परिवार का भरण पोषण करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मैं कई बार फैक्ट्री प्रबंधन व जिला प्रशासन से निवेदन कर चुका हूं पर हमारी बात कोई नहीं सुन रहा है। जबकि मेरे द्वारा कलेक्टर जनसुनवाई सीएम आनलाईन में भी फरियाद लगाई जा चुकी है। मेरा परिवार इस समय काफी विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है।