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मड़वास स्टेशन पर रुकी सिंगरौली-दिल्ली ट्रेन, पहले दिन मिले 110 यात्री

रेल रोको महापंचायत ने किया स्वागत
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सीधी

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Suresh Mishra

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Updated: 23 Apr 2018, 4:35 PM IST

Madwas railway Station Stopped in Singrauli-Delhi train

Madwas railway Station Stopped in Singrauli-Delhi train

सीधी। लंबे संघर्ष के बाद मड़वास स्टेशन में सिंगरौली-दिल्ली ट्रेन के स्टॉपेज को लेकर क्षेत्रवासियों में जश्न का महौल है। रविवार को रेल रोको महापंचायत ने न सिर्फ भव्य स्वागत किया, बल्कि 110 लोगों ने टिकट कटाकर सफर भी किया। इनमें दिल्ली के लिए 10, कटनी के लिए 10, झांसी के लिए 05, दमोह के लिए 05, खन्ना बंजारी के लिए 10 तथा व्यौहारी के लिए 70 यात्रियों ने सफर किया। इसके अलावा पांच लोगों ने मड़वास से दिल्ली के लिए ऑनलाइन टिकट लिया था। इस प्रकार पहले दिन ही इस ट्रेन को मड़वास स्टेशन से 10 हजार 155 रुपए राजस्व मिला।

3.30 घंटे देरी से पहुंची रेल
सिंगरौली से निजामुद्दीन जाने वाली साप्ताहिक रेल को मड़वास में रुकने का रविवार को पहला दिन था। रेल को सिंगरौली से चलकर यहां सुबह करीब 11 बजे पहुंचना था, जिसके स्वागत मे आम जनता पलक पांवड़े बिछाए बैठी थी। लेकिन पता चला की टे्रन करीब तीन घंटे देरी से चल रही है। समारोह के दौरान रेल के देरी का कारण तो पता नहीं चल सका, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने इसे राजनैतिक हथकंडा मानकर सभा में निंदा की।

गर्मी भी नहीं रोक सकी उत्साह
इसके बावजूद टे्रन के स्वागत के लिए गर्मी में भी लोग डटे रहे। दोपहर करीब 2.30 बजे अपने निर्धारित समय से करीब 3.30 घंटे देरी से जब ट्रेन मड़वास स्टेशन पहुंची तो उसका भव्य स्वागत किया गया। जिंप अध्यक्ष अभ्युदय सिंह ने लोगों को मिठाई खिलाई। उन्होंने रेल अफसरों के साथ ही वहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैनात पुलिसकर्मियों को भी मिठाई खिलाई गई। इस दौरान रेल रोको महापंचायत की ओर से मड़वास रेलवे स्टेशन में नि:शुल्क प्याऊ का भी शुभारंभ किया गया।

इन्होंने जाहिर की खुशी
भास्कर सिंह चौहान, प्रभात वर्मा, हरिकुमार माझी, ललित श्रीवास्तव, महेश सिंह, इंद्रवली, संजय सिंह, सूर्यपाल सिंह, संजय सिंह, कप्तान सिंह, संतोष कुशवाहा, शिव कुशवाहा, राजेंद्र गुप्ता, अशोक नवैत, प्रभात वर्मा, रामभजन जायसवाल सरपंच मड़वास, पुनीत श्रीवास्तव, कन्हाई सिंह मझौली, अमिताभ सिंह सोनू, संजय सिंह मझंगवा, इंद्रजीवन गुप्ता, रामनंद जायसवाल, मोहम्मद लकी मड़वास, अरविंद, सिंह बीरेंद्र मिश्रा, प्रिंसू श्रीवास्तव और शालिक द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

रेल व सड़कों के विकास से ही क्षेत्र का विकास संभव होता है। इससे जनता को सुविधा तो होती ही है, सरकार को राजस्व भी मिलता है। सीधी जैसे छोटे जिले न सिर्फ रेल सुविधा, बल्कि विकास से भी अछूते हैं। जिले के एक छोर में रेल चल रही है तो उसका फायदा भी लोगों को मिलना चाहिए था, लेकिन राजनीतिक कारणों से यह संभव नहीं हो पा रहा था। जनता को संघर्ष करना पड़ा। अदालती झंझटों से भी दो चार होना पड़ा है, लेकिन अंतत: सरकार को भी जनता के संघर्ष के आगे झुकना पड़ा। रेल की सौगात दिलाने के लिए पूरा का पूरा श्रेय जनता को जाता है।
केके सिंह भंवर, पूर्व विधायक

मड़वास में राजधानी से जोडऩे वाली ट्रेनों का स्टॉपेज मिल गया। इसके लिए जनता को बधाई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी जी का आभार। क्योंकि उन्होंने सभी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद क्षेत्रवासियों की आवाज सुनी और मड़वास जैसे सुविधाविहीन स्टेशन में ट्रेनों को रोकने की इजाजत दी। जनता ने लड़ाई रेलों के ठहराव की जीती, इसके लिए उन पर कानूनी शिकंजा कसने का भी प्रयास किया गया। सभी संकटों का सामना करते हुए लोगों ने हक लेकर ही दम लिया। अब सिंगरौली से चलने वाली रेलों को नियमित करने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
अभ्युदय सिंह, जिपं अध्यक्ष

कतिपय राजनैतिक लोग मड़वास में टे्रन रुकने का श्रेय लेना चाह रहे हैं, यदि उनके प्रयास से यह ट्रेन रुकी होती तो जब ट्रेन की शुरुआत हुई थी तभी से रुक जाती।
विनय सिंह वीनू, समाजसेवी