2 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मीना ने जीता दर्शकों का दिल, नाटक ‘सकुबाई’ का किया शानदार मंचन

सकुबाई बनकर मीना ने जीता दर्शकों का दिल, नाटक सकुबाई का किया शानदार मंचन

2 min read
Google source verification

सीधी

image

Suresh Mishra

Jul 31, 2018

natak sakhubai in hindi

natak sakhubai in hindi

सीधी। जिले की नाट्य संस्था रंगदूत के कलाकार पिछ्ले कई दिनों से नए नाटक सकुबाई की तैयारी में व्यस्त थे। तैयारी पूर्ण होने के बाद 29 जुलाई की शाम शहर के डीपी कॉम्प्लेक्स स्थित गंगोत्री हाल में इस नाटक की प्रस्तुति दर्शकों के समक्ष की गई। कार्यक्रम की शुरुआत इंजी. आरबी सिंह एवं शिव शंकर मिश्रा सरस ने दीप प्रज्वलन किया। उसके बाद मीना गुप्ता द्वारा अभिनीत नाटक सकुबाई का मंचन आरंभ हुआ। नाटक अभिनय के स्तर पर बेहद उम्दा रहा।

मीना को मिली प्रदेश स्तर पर पहचान
जिले में मीना गुप्ता जैसी युवा अभिनेत्री ने अपनी अभिनय प्रतिभा के दम पर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई है और उन्होंने पुन: अपने अप्रतिम अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। नाटक दृश्य रचना के लिहाज से भी काफी चाक्षुष बन पड़ा। तकनीकी इस्तेमाल से नाटक की दृश्य रचना बेहद प्रभावी रही। नाटक का लेखन निर्देशिका एवं अभिनेता राज बब्बर की पत्नी नादिरा हीर बब्बर ने किया है, और रंगदूत के युवा रंगकर्मी रवि शंकर भारती ने सकुबाई का कुशल निर्देशन किया।

नारी चेतना से जुड़ी नाटक की कहानी
नाटक की कहानी नारी चेतना से जुडी हुई है, यह कहानी सकुबाई नामक चरित्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कि एक नौकरानी है और उसके साथ उसके ही मामा ने बचपन में बलात्कार किया था, बाद में उसकी शादी होती है लेकिन उसका पति भी उसे अकेले छोड़ देता है, इस बड़े दु:ख और गरीबी से लड़ती हुई सकुबाई जीवन में हार नही मानती और लोगों के घरों में काम कर अपनी बच्ची को पालती है और उसे बड़ी लेखिका बनाती है।

इन्होंने किया मंचन
मंच पर सकुबाई का किरदार मीना गुप्ता निभा रही थीं, साथ ही रोशन अवधिया ने रुंगटा के रूप में दर्शकों की तालियां बटोरीं। मंच पर टीम में अनंत मिश्रा, सुनील रावत, श्रोती सिंह परिहार, जागृति गुप्ता, दीपू प्रजापति, कुलदीप सोनी प्रमुख रहे। मंच परे राहुल गुप्ता, सद्दाम, आशीष गुप्ता, देवेंद्र सोनी आदि प्रमुख रहे। मंचन के दौरान सुधेंदु शर्मा, सतीश गुप्ता, पुरुषोत्तमदास गुप्ता, मंगलेश्वर गुप्ता, रोशनी प्रसाद मिश्रा, सुधा अवधिया, प्रदीप सोनी इत्यादि उपस्थित रहे।