
navratnas of akbar birbal birth birthplace stories
सीधी। क्या आप जानते हैं बीरबल (birbal) का जन्म कहा हुआ था। अकबर के नौ रत्नों में से एक बीरबल (Navratnas of Akbar) का जन्म सीधी जिले में हुआ था। कुशाग्र बुद्धि के बीरबल को इसी गांव में सिद्धि मिली थी। इसी के बाद वो पूरी दुनिया में अपनी बुद्धिमत्ता से सभी का लोहा मनवाते रहे। बीरबल की चतुराई और बुद्धिमत्ता की कई कहानियां आज भी प्रचलित हैं।
सीधी जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित घोघरा गांव में अकबर के नौ रत्नों में से एक बीरबल का जन्म हुआ था। यहीं पर माता चंद्रिका देवी मंदिर भी है, जहां बीरबल को सिद्धि प्राप्त हुई थी। इसके बाद वे अकबर के नौ रत्नों में शामिल किए गए। बालकाल से ही बीरबल माता चंद्रिका के भक्त थे। बीरबल पहाड़ के नीचे बह रही रेही और सोन नदी के जल से सूर्योदय से पहले ही माता चंद्रिका को जल चढ़ाते थे। उनके इस सेवा से खुश होकर माता ने उन्हें आशीर्वाद दिया था, जिसके बाद उनको सिद्ध और प्रसिद्धि मिली थी।
मध्यप्रदेश के सीधी जिले में हुआ था जन्म
विकिपीडिया के मुताबिक बीरबल का असली नाम महेश दास था। जबकि अकबर ही "बीरबल" का खिताब महेश दास को दिया था। बीरबल का जन्म सीधी जिले में 1528 में हुआ और मृत्यु 16 फरवरी 1586 को हुई थी। मुगल बादशाह अकबर के दरबार में प्रमुख वज़ीर और नवरत्नों में से एक थे। उनका जन्म महर्षि कवि के वंशज भट्ट ब्राह्मण परिवार में हुआ था। लेकिन गांव के लोग उन्हें यादव समाज का बताते हैं। उनके जन्म स्थल को लेकर भी मतभिन्नताएं हैं। कुछ विद्वान उन्हें आगरा के निवासी, कोई कानपुर के घाटमपुर तहसील के, कोई दिल्ली के निवासी और कोई मध्य प्रदेश के सीधी जिले का निवासी बताता है। लेकिन ज्यादातर विद्वान मध्य प्रदेश के सीधी जिले के घोघरा गाँव को ही बीरबल का जन्म स्थान स्वीकार करते हैं।
इसलिए चर्चाओं में है बीरबल का गांव
बीरबल की जन्मस्थली से जुड़े घोघरा देवी मंदिर में अगले वित्तीय वर्ष में विकास संबंधी कार्य किए जाएंगे। सिहावल विधायक एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल की ओर से विधानसभा में जिले के ऐतिहासिक स्थल बीरबल की जन्म स्थली मां घोघरा देवी मंदिर में विकास कार्यों को लेकर सवाल किया गया था, जवाब में पर्यटन मंत्री ने बताया कि मां घोघरा देवी मंदिर के विकास के लिए एक करोड़ 21 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। उक्त राशि से आगामी वित्तीय वर्ष में घोघरा देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के ठहरने के स्थान एवं अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे।
-विधानसभा में लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने बताया कि कपुरी-बघऊ, बिठौली-सजवानी सड़क मार्ग जिसकी लंबाई 56.5461 किलोमीटर है। इसके उन्नयन के लिए फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। विधायक कमलेश्वर पटेल की ओर से विधानसभा में किए गए सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शासकीय महाविद्यालय सिहावल में नवीन संकाय आरंभ किए जाने और बहरी में नवीन महाविद्यालय शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है।
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Updated on:
23 Dec 2022 02:26 pm
Published on:
23 Dec 2022 02:23 pm
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