26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नेकी की दीवार बंद: जरूरतमंदों को मिलती थी मदद, सरकार ने किए थे बड़े बड़े दावे

जिम्मेदारों का दावा हवा-हवाई, अब कोई दान नहीं करता है जरूरतमंदों को सामान

2 min read
Google source verification

सीधी

image

Hitendra Sharma

Sep 05, 2022

the_needy_used_to_get_help_from_the_wall_of_goodness.jpg

सीधी. गरीबों एवं जरूरतमंदों मदद के लिए शहर में जगह-जगह नेकी की दीवार शुरू की गई थी, लेकिन कुछ माह बीतने के बाद यह दीवार शहर से गायब हो चुकी है। पत्रिका द्वारा पड़ताल में पता चला कि कलेक्ट्रेट के पास स्थित नेकी की दीवार में अब कोई समाजसेवी दान करने नहीं आता है। वहीं एक रैन बसेरा में बनाई गई नेकी दीवार भी समय के साथ धीरे-धीरे गायब हो चुकी है।

ज्ञात हो कि नेकी की दीवार के तहत शहर के लोग गरीबों के लिए कपड़े व सामान दान करते थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि अस्पताल के पास दीवार पर सिर्फ नेकी की दीवार लिखा रह गया है। शहर में विभिन्न स्थानों पर खोली गई नेकी की दीवार समय के साथ बंद होती जा रही है।

यह भी पढ़ें- विकास की हकीकतः खाट पर मरीज लेकर पांच किमी पैदल चले ग्रामीण

इस स्थिति को लेकर शहर के समाजसेवी संस्थाओं का कहना था कि नेकी की दीवार में सामान रखने के लिए जगह नहीं होती है, इसलिए वे वह स्वयं जरूरतमंदों के पास मदद के लिए पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सेवा का क्रम बंद नहीं हुआ है यह निरतंर चलता रहेगा।

प्रशासन संचालित होने का दावा कर रहा
प्रशासनिक अधिकारी औपचारिक तौर पर नेकी की दीवार को संचालित होने की बात कह रहे हैं, किंतु जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है। वर्तमान में कुछ फटे व पानी से भीगे कपड़े पड़े हुए हैं किंतु वह उपयोग लायक न होने से लोग उसे नहीं ले जा रहे हैं।

नेकी की दीवार एक ऐसी दीवार थी जहां जरूरतमंदों को उनके उपयोग का सामान मिल जाया करता था, वहीं जिन्हें सामान अनुपयोगी लगता था वह उसे नेकी की दीवार पर छोड़कर चले जाते थे। समाजसेवी संस्थाएं भी नेकी की दीवार के माध्यम से सेवाभाव के लिए आगे आने लगी थीं। शुरुआत में लोग नेकी की दीवार पर जरूरतमंदों के लिए सामान छोड़कर चले जाया करते थे लेकिन अचानक ही इसे बंद कर दिया गया।