24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लडक़ी जन्मी तो निर्दयी मां 9 डिग्री तापमान में खुले में पटक गई मरने के लिए

कडक़ड़ाती ठंड में बिलखती बेटी को बचाने के लिए आए गांव वाले, अस्पताल में कराया भर्ती

2 min read
Google source verification

सीधी

image

Rajiv Jain

Dec 12, 2017

Newborn Girl Child found on garbage in Cold morning at Sidhi

new born girl found in Sidhi

सीधी. विश्व मानवाधिकार दिवस के मौके पर दिनभर बड़ी-बड़ी बातें होती रहीं, लेकिन रात में एक निर्दयी मां ने ममता का गला घोट दिया। नवजात बच्ची को उसने रात के अंधेरे में कडक़ड़ाती ठंड में 9 डिग्री तापमान में खुले आसमान तले फेंक दिया। कडक़ड़ाती ठंड में वह रात भर बिलखती रही। सुबह लोगों ने देखा तो डायल-100 पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंंची पुलिस ने गरम कपड़े में ढंककर उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करया, जहां इलाज जारी है। जन्म देने वालों की जानकारी अब भी नहीं लगी। जमोडी पुलिस चौकी अंतर्गत रोझौहां गांव में ग्रामीणों ने बस्ती के बाहर सुबह एक नवजात कन्या को पड़ा देखा। बच्ची बिना कपड़ों के खुले आसमान तले पड़ी थी। शरीर पर मिट्टी लगी थी, ठंड से कांप रही बच्ची को ग्रामीणों ने उठाकर कपड़े से ढंका और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों की मानें तो नवजात का जन्म रात्रि 12 बजे के बाद हुआ है।

माता-पिता का दिल क्यों नहीं रोया?
एक नवजात फूल सी बच्ची को खुले आसमान के नीचे कडक़ड़ाती ठंड में 9 डिग्री तापमान में लावारिस फेंकते वक्त माता-पिता के हाथ क्यों नहीं कांपे। सरकार की तमाम प्रयास व कल्याणकारी योजनाओं के बाद भी क्या बच्ची का जन्म लेना समाज में अपराध है? अब तो बच्चियों के लालन-पालन का बड़ा खर्च सरकार ही उठाने को तैयार है। फिर भी कोई कैसे एक नवजात बच्ची को मैदान में फेंक सकता है। इस अमानवीय कृत्य के लिए फेंकने वाला निसंदेह दंड का भागी है। वह केवल कानून का ही नहीं, बल्कि मानव सभ्यता व पूरे समाज के लिए भी आरोपी है। एक मां, जिसने नौ महीने कोख में रखने के बाद उसे मरने के लिए छोड़ दिया। शरीर पर मिट्टी लगी थी, ठंड से कांप रही बच्ची, क्या सच में मर गई थी उसकी ममता।