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बाघ नहीं गिन पाया संजय टाइगर रिजर्व प्रबंधन, विशेषज्ञों को भेजे वीडियो फुटेज

बाघ नहीं गिन पाया संजय टाइगर रिजर्व प्रबंधन, विशेषज्ञों को भेजे वीडियो फुटेज

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sanjay national park tiger project

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सीधी। देशभर के टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में इस बार बाघों की गणना के लिए हाइटेक तरीका अपनाया गया था। लेकिन संसाधन विहीन संजय टाइगर रिजर्व में यह काम जरा मुश्किल लग रहा है। बाघों की गणना के लिए यहां भी वीडियोग्राफी व पदचिह्न के फोटो लिए गए। लेकिन टीम स्पष्ट नहीं कर पा रही कि संजय टाइगर रिजर्व में कितने बाघ हैं। इसके लिए उनके पदचिह्न व वीडियो फुटेज भोपाल भेजे गए हैं।

वहां विशेषज्ञ विश्लेषण कर बताएंगे कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कितने बाघ हैं। मालूम हो कि संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बाघों की न तो रेडियो कालरिंग हो पाई है और न ही उनका नामकरण अब तक किया गया। जिससे बाघों की गिनती, शिनाख्त और लोकेशन पता करने में काफी समस्या होती है। अब इसके लिए भोपाल से आने वाली वैैज्ञानिकों की रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ेगा।

नामकरण व रेडियोकॉलरिंग का अभाव
संजय टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लगातार लापरवाही बरती जा रही है। यहां रहने वाले एक भी बाघ की रेडियोकॉलरिंग नहीं हो पाई। वहीं पन्ना से आई बाघिन के अलावा शेष बाघों का नामकरण भी नहीं किया गया। अधिकारियों का तर्क है कि रेडियो कॉलरिंग के लिए भोपाल में बैठे आला अफसरों से अनुमति मांगी थी, लेकिन जवाब नहीं मिला। यदि रेडियो कॉलरिंग व नामकरण हो जाता है तो बाघों की लोकेशन ट्रेस करने सहित संख्या पता करने में असुविधा नहीं होती। बिना रेडियो कॉलर के पाए जाने वाले बाघों की संख्या वृद्धि में जुड़ती जाती।

रिकार्डिंग में अस्पष्टता
टाइगर रिवर्ज प्रबंधन ने कोर जोन की वीडियोग्राफी कराई थी। उनके पदचिह्नों की तस्वीर व मल एकत्रित कराया था। जिसके आधार पर बाघों की गणना की जानी थी। लेकिन स्पष्ट रिकॉर्डिंग न हो पाने से भेडिय़ा, चीता सहित अन्य जानवर बाघ जैसे नजर आ रहे हैं। गणना में लगे कर्मचारी स्पष्ट नहीं कर पा रहे कि रिजर्व क्षेत्र में कितने बाघ हैं।

डब्ल्यूआई ही जारी करेगी अनुमानित संख्या की रिपोर्ट
साइंस टीम के पास समस्त जानकारी भेजी जा चुकी है। इसका आंकलन करने के बाद डब्ल्यूआई द्वारा अनुमानित संख्या की रिपोर्ट जारी की जाएगी तभी संख्या बता पाना संभव है।
बिनसेंट रहीम, क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व सीधी

फैक्ट फाइल
- वर्ष बाघ
- 2014-07
- 2015-07
- 2016-10