
threatening to kill ias officer arpit verma by sand mafia in Sidhi
सीधी. जिले में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर आमने सामने आए रामपुर नैकिन-चुरहट एसडीएम अर्पित वर्मा (आइएएस) और एसपी मनेाज श्रीवास्तव का मामला एएसएस एेसोसिएशन के पास जा पहुंचा है। सीधी एसपी मनोज श्रीवास्तव द्वारा मीडिया में आइएएस अर्पित पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अब अर्पित ने आइएएस एसोसिएशन को चिट्ठी लिखकर अपनी सफाई पेश की है।
रेत माफिया से जान को खतरा
सीधी के चुरहट-रामपुर नैकिन में एसडीएम के पद पर पदस्थ आइएएस अर्पित ने २२ मार्च को सीधी कलेक्टर को पत्र लिखकर रेत माफिया से खुद की जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया था कि रेत माफिया के बीच फंसने के बाद जब उन्होंने पुलिस से मदद मांगी तो थाना प्रभारी ने लिखित में आवेदन के बाद पुलिस सुरक्षा देने की बात कही। आइएएस अर्पित के सुरक्षा मांगने के बाद एसपी मनोज श्रीवास्वत ने उन पर रेत माफिया को संरक्षण देने और उनसे रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगा डाले।
अगली बैठक में हो सकती है चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में आइएएस एसोसिएशन को अर्पित वर्मा का पत्र मिला है। जिसमें उन्होंने पूरी स्थिति स्पष्ट की है। संभावना है कि आइएएस एेसोसिएशन की अगली बैठक में इस मामले पर विचार किया जा सकता है।
ये है मामला
अपनी जान को खतरा बताने व सुरक्षा बढ़ाने को लेकर आइएएस वर्मा ने कलेक्टर को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने उल्लेख किया था कि 19 मार्च की रात वे सोन नदी से रेत का अवैध उत्खनन करने वालों को रोकने मौके पर गए थे। वहां जीप और बाइक सवार कुछ लोगों ने उनका पीछा किया। पूछताछ के लिए उन्हें रोका तो रेत उत्खनन करने वाले लोग अपने वाहन छोड़कर भाग गए। पत्र के अनुसार आइएएस अर्पित ने तत्काल रामपुर नैकिन के थाना प्रभारी को फोन करपुलिस बल मांगा। थाना प्रभारी ने पुलिस बल भेजने की बजाय पहले लिखित शिकायत देने को कहा। एेसी स्थिति में रेत माफिया के छोड़े गए वाहन को जब्त कराने के लिए वे जंगल में रात भर अकेले खड़े रहे।
सोन नदी के जलीय जीवों को भी खतरा
वर्मा के पत्र में कहा गया है कि रामपुर नैकिन क्षेत्र में सोन नदी से रेत उत्खनन के कारण सोन घडि़याल अभ्यारण्य में जलीय जीवों के लिए संकट खड़ा हो गया है। अवैध उत्खनन रोकने की कार्रवाई के लिए पुलिस बल नहीं होने से उन्हें जान का खतरा है। उधर, सूत्रों का दावा है कि सोन नदी में अवैध रेत उत्खनन करने वालों को भाजपा और कांग्रेस के कुछ रसूखदार नेताओं का संरक्षण है। इनके दबाव में ही स्थानीय पुलिस कुछ नहीं करती है।
19 मार्च को अवैध उत्खनन रोकने के दौरान असामाजिक तत्वों ने मेरा पीछा किया था। समय पर पुलिस नहीं पहुंची तो मैंने सुरक्षा के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा।
अर्पित वर्मा, आइएएस
Published on:
03 Apr 2018 02:53 pm
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