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सुप्रीम कोर्ट में अजयसिंह के खिलाफ लगाई गई शरदेन्दु तिवारी की अपील नामंजूर

- हाईकोर्ट के दिए गए निर्णय को रखा यथावत

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सीधी

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Deepesh Tiwari

Feb 03, 2023

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सुप्रीम कोर्ट ने मप्र के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह के विरुद्ध वर्तमान विधायक और 2013 में भाजपा प्रत्याशी रहे शरदेन्दु तिवारी की अपील को शुक्रवार 3 फरवरी को नामंजूर कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं पाया। ज्ञात हो कि शरदेन्दु तिवारी ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह के खिलाफ 2013 के विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे।

ये थे आरोप
इससे पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में तिवारी ने चुनाव याचिका भी दाखिल की थी, जिसमें उनके द्वारा निर्वाचन निरस्त करने का आग्रह किया था। इस दौरान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से लगाए गए किसी भी आरोप को सही नहीं पाया था।

इसके अतिरिक्त गवाही के दौरान भी ऐसा कोई भी साक्ष्य सामने नहीं आया था, जिससे अजयसिंह की अनियमितता साबित होती हो। जिसके बाद याचिका को निरस्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ शरदेन्दु तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, यहां इसे सुनवाई योग्य नहीं पाया और हाईकोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा।

अजयसिंह : चुरहट विधानसभा सीट से चुने गए थे
हाईकोर्ट में लगी याचिका में अजय सिंह की गलती निर्धारित किए गए 36 बिंदुओं पर साबित नहीं की जा सकी थीं। वहीं अजय सिंह की ओर से अधिवक्ता राशिद सुहैल सिद्दीकी ने पक्ष रखा था। सीधी जिले के निवासी शरदेंदु तिवारी ने आरोप लगाए थे कि 2014 के विधानसभा चुनाव में चुरहट विधानसभा सीट से चुने गए कांग्रेस विधायक सिंह ने आचार संहिता का उल्लंघन सहित अन्य अनियमितताएं कर चुनाव जीता था।

शरदेंदु तिवारी का ये भी कहना था कि अजय सिंह ने निर्धारित राशि से कई गुना राशि चुनाव में खर्च कर मतदाताओं को प्रलोभित किया था। इसके अलावा चुनाव के दौरान टोपियां, बिल्ले व धार्मिक पोस्टर बांटे थे। जबकि चुनाव खर्च के ब्यौरे में इनकी कीमतें भी सही नहीं बताई गईं थीं।

वहीं याचिका में कहा गया कि राहुल गांधी की सभा के खर्च का ब्योरा अजयसिंह ने निर्वाचन आयोग को नहीं दिया था। चुनाव याचिका में अजय सिंह पर नोट से वोट खरीदने और जाति के नाम पर वोट हासिल करने के आरोप भी लगाए गए थे। यदि छिपाया गया खर्च शामिल कर लिया जाए तो कुल चुनाव खर्च निर्धारित सीमा से अधिक होता है। इसी अधर पर सिंह का निर्वाचन निरस्त करने का आग्रह किया गया था।