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MP: जादू-टोने से होती है मौत, ये हैं खौफ की 3 कहानियां 

मौत की ऐसी ही तीन कहानियां हम आप को  बता रहे है। यह कहानियां जिले की पुलिस व प्रशासन व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ी कर रही है। 

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Suresh Kumar Mishra

Sep 18, 2016

sidhi news

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सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले का पहाड़ी क्षेत्र आज भी अंधविश्वास में जी रहा है। जिसके चलते लोगों अपनी जान गवां रहे है। इसका सर्वाधिक कारण जादू-टोना, झाड़-फूक है। मौत की ऐसी ही तीन कहानियां हम आप को बता रहे है। यह कहानियां जिले की पुलिस व प्रशासन व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ी कर रही है।

जानकारों बताते है कि अपराधों के पीछे अंधविश्वास भी बड़़ी वजह है। आबादी का एक अशिक्षित वर्ग आज भी इन प्राथाओं पर भरोसा करता है। जिले में हुई मौत का ग्राफ बता रहा है कि कई हत्याएं इसी के चलते हुई है।


जादू-टोना, झाड़-फूंक, ओझा-गुनिया, तांत्रिकों के फेर में महिलाओं को टोनही, डायन बताकर प्रताडि़़त किया जाता है। कई बार तो हत्या तक कर दी गईं। सर्वाधिक मामले आदिवासी बाहुल्य कुसमी क्षेत्र में हुए है। जादू-टोना की आशंका में धौहनी विधायक टेकाम की भाभी की हत्या भी की जा चुकी है।


कहानी-1 पुलिस चौकी मड़वास अंतर्गत सेंदुरा गांव
पुलिस चौकी मड़वास अंतर्गत सेंदुरा में जादू-टोना करने की आशंका को लेकर ससुर ने बहू की हत्या कर दी। घटना 8 अप्रैल की है। बाबूलाल सिंह गोंड पिता पांडू सिंह 50 वर्ष कुछ वर्षों से बीमार चल रहा था। तांत्रिकों के बहकावे पर बहू पार्वतीबाई उर्फ पप्पी सिंह पति रावेंद्र सिंह 24 वर्ष पर जादू टोना का शक किया। ओझाओं से झाड़-फूंक कराता रहा। आराम न मिलने पर 8 अप्रैल तड़के 4 बजे घर के सभी सदस्यो को बाहर कर लोहे के राड़ से पप्पी सिंह की हत्या कर दी।

कहानी-2 छपरा टोला कुसमी
जादू टोने की आशंका पर कुसमी थाना अंतर्गत छपरा टोला में चंद्रवती सिंह की हत्या पति तेगबहादुर ने ही कर दी। वारदात 9 अगस्त को हुई। हत्या के बाद शव को नाले के किनारे झाडिय़ो मे छिपा दिया गया। आरोपी ने तेगबहादुर ने दो शादियां की थी। 8 अगस्त को दूसरी पत्नी की डेढ़ वर्षीय पुत्री की मौत हो गई थी। उसे शक था पहली पत्नी ने टोना किया है। 9 अगस्त की रात्रि गले में रस्सी बांधकर पत्थर से हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का खुलासा किया गया।

कहानी-3 झाड़-फूंक के बहाने छेडख़ानी
झाड़-फूंक के बहाने तांत्रिकों द्वारा छेडख़ानी भी की जाती है। पुलिस चौकी पथरौला अंतर्गत गिजवार में बीमारी से तंग महिला के परिजन ओझा के पास लेकर पहुंचे। ओझा ने प्रेतबाधा बताई। विशेष पूजा की सलाह दी। आरोपी तांत्रिक बलिराज कुसवाहा पिता गज्जू कुशवाहा (32), बंशबहादुर सिंह गोंड़ पिता ललई (40), तथा प्रेमलाल कुशवाहा पिता महावीर (35) सभी निवासी गिजवार पीडि़त महिला को झाड फूंक के लिए 11 जुलाई को रात्रि 12 बजे सुनसान जगह पर ले गए।


तांत्रिक ने पीडि़ता से कपड़ा उतारने को कहा। बोला, किसी के छूने का अहसास हो तो आंखें मत खोलना। वर्ना नहीं बचोगी। महिला को शक हुआ। वह भागकर भाइयों के पास पहुंची। आप बीती सुनाई। मामले की शिकायत पुलिस चौकी पथरौला में की गई। रिपोर्ट के आधार पर भादवि की धारा 354,(क, 2) तथा 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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