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टिकरी में धसकी छुही खदान, तीन महिलाओं की मौत, चार घायल

मड़वास पुलिस चौकी क्षेत्र के टिकरी गोपद नदी के किनारे स्थिति थी छुही खदान, जेसीबी से खुदाई कर निकाले गए शव व घायलों को, घायलों को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती, गांव में पसरा मातम, अवैध छुही खदान धसकने से पहले भी हो चुकी हैं मौंते

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Slammed mine in Tikri, three women killed, four injured

Slammed mine in Tikri, three women killed, four injured

सीधी/टिकरी। थाना मझौली के पुलिस चौकी मड़वास अंतर्गत पुलिस सहायता केंद्र टिकरी से महज एक किलोमीटर दूर संचालित अवैध छुही खदान धसकने से उसकी चपेट में आने के कारण जहां तीन महिलाओं की मौत हो गई वहीं चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना गुरूवार को अपरान्ह करीब 3.30 बजे की है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक आरएस बेलवंसी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस सहायता केंद्र टिकरी से महज करीब एक किमी दूर गोपद नदी के किनारे विगत कई वर्षों से अवैध रूप से छुही खदान संचालित थी, जहां से टिकरी, भुमका सहित आस-पास के अन्य गावों के महिला पुरूष कच्चे माकान के दीवारों की पुताई के लिए छुही खोदकर ले जाते थे। लगातार खुदाई के कारण खदान काफी गहरी हो गई थी और अब छुही निकालने के लिए लोगों को खदान के काफी अंदर घुसना पड़ता था। इसी क्रम में गुरूवार को अपरान्ह करीब एक दर्जन महिलाएं छुही लेने के लिए खदान में गई थी, जहां सात महिलाए खदान के अंदर घुसकर छुही की खुदाई कर रहीं थी, इसी दौरान अचानक खदान धसक गई और खदान के अंदर घुसी महिलाएं उसमें दब गईं। इस दौरान छुही निकालने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही महिलाओं द्वारा हल्ला गुहार करना शुरू किया गया तो गांव के लोग एकत्रित हो गए। आनन-फानन में घटना की सूचना पुलिस सहायता केंद्र टिकरी को दी गई। सूचना मिलते ही टिकरी पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी बृजेंद्र ङ्क्षसह दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए और घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देते हुए बचाव कार्य में जुट गए। लेकिन खदान का मलवा काफी होने से जेसीबी मसीन के बिना खदान में दबी महिलाओं को बाहर निकालना मुश्किल था, इसी बीच चौकी प्रभारी मड़वास खुमान ङ्क्षसह, तेजभान सिंह व थाना प्रभारी मझौली अजय सिंह के साथ ही नायब तहसीलदार मड़वास संजय मेश्राम भी मौके पर पहुंच गए और आनन-फानन में जेसीबी मसीन मंगाकर खदान की खुदाई करवाते हुए उसके दबी महिलाओं को बाहर निकलवाया गया, लेकिन तब तक तीन महिलाओं की मौत हो चुकी थी, जबकि चार महिलाएं बेहोशी हालत में थी, जिन्हे उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया।
मृतकों में ये शामिल-
छुही खदान धसकने से उसकी चपेट में आने के कारण तीन महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों में रामबाई सिंह पति जयराम सिंह 35 वर्ष निवासी भुमका, बुटइया पति छोटेलाल सिंह 60 वर्ष निवासी बेलगांव तथा उर्मिला पति दद्दू सिंह गोंड़ 40 वर्ष निवासी टिकरी शामिल हैं।
घायलों को भिजवाया गया जिला अस्पताल-
छुही खदान धसकने से उसकी चपेट में आने के कारण तीन महिलाओं की मौत होने के साथ ही चार महिलाएं घायल हो गईं। घायलों में शोभा सिंह पति राजबहादुर ङ्क्षसह 30 वर्ष भुमका, बसंती पति महेश केवट 25 वर्ष भुमका, शीषकली साकेत पति रामलखन 30 वर्ष टिकरी तथा सुनीता पति आशीष साकेत 35 वर्ष टिकरी शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कलेक्टर-एसपी पहुंचे मौके पर-
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी तथा पुलिस अधीक्षक आरएस बेलवंसी घटना स्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर द्वारा घटना स्थल पर ही मृतकों के परिजनों को अत्येष्टि सहायता हेतु पांच-पांच हजार रूपए तत्काल दिलाए जाने की घोंषणा की।
्रपूर्व में भी हो चुकी हैं मौतें-
जिले में मझौली विकासखंड के साथ ही सिहावल व कुसमी विकासखंड क्षेत्र में भी अवैध रूप से छुही की खदाने संचालित हैं, जहां पूर्व में भी छुही खदान धसकने की घटनाएं होने से उसकी चपेट में आने के कारण लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इसके बाद भी अवैध रूप से संचालित छुही खदानों को बंद करवाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे खदान धसकने व उसकी चपेट में आने से लोगों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है।