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बिना शिक्षक चल रही MP सरकार की इंग्लिश मीडियम स्कूल, अब भला खुद पढ़े नहीं दूसरों को क्या पढ़ाएंगे!

उदासीनता: विद्यालय संचालित करने के चार साल बाद भी शासन स्तर से नहीं कराई गई व्यवस्था, हिंदी माध्यम के अध्यापक करा रहे पढ़ाई

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Story of MP Government English medium school

Story of MP Government English medium school

सीधी। शासन ने अंग्रेजी माध्यम की स्कूलें तो खोल दी है, लेकिन न शिक्षकों की व्यवस्था की गई है न ही बच्चों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही। ऐसी स्थिति में बच्चे क्या पढ़ेंगे और क्या सीखेंगे इस पर सवल खड़े हो रहे हैं। अव्यवस्था व विभागीय उपेक्षा के चलते यहां अध्ययनरत बच्चे हिंदी माध्यम की पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

हालांकि, इन स्कूलों में पदस्थ शिक्षक अपने स्तर से बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई कराने में प्रयासरत हैं। वे पढ़ा भी रहे हैं, लेकिन वास्तविकता तो यही है कि ये हिंदी माध्यम के ही शिक्षक हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि, शासन स्तर से जब शिक्षक और पुस्तकों की व्यवस्था नहीं की जानी थी तो फिर अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने की जरूरत ही क्या थी।

अभी तक नहीं पहुंची किताबें
जुलाई माह बीतने को है, अंग्रेजी माध्यम की स्कूलों में प्रवेशी बच्चों को अब तक पुस्तकेें नहीं मिलीं। यहां अध्ययनरत बच्चे हिंदी माध्यम की पुस्तकें पढ़ रहे हैं, यह समस्या सिर्फ इस शैक्षणिक सत्र की नहीं, बल्कि बीते चार वर्ष से यही हालात हैं। बच्चों को अक्टूबर-नवंबर तक भी पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। जिससे उन्हें हिंदी माध्यम की ही पढ़ाई करनी पड़ती है।

बच्चों को नहीं पता हिंदी व अंग्रेजी माध्यम
जिला मुख्यालय में संचालित शासकीय प्राथमिक पाठशाला में हकीकत पता करने के लिए सोमवार सुबह पहुंची पत्रिका टीम को चौकाने वाली स्थिति देखने को मिली। यहां कक्षा-4 में अध्ययनरत बच्चे हिंदी माध्यम की पुस्तकों से पढ़ाई कर रहे थे। पूछने पर शिक्षकों ने बताय, अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें अभी उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए हिंदी माध्यम की पढ़ाई करा रहे हैं।

अंग्रेजी माध्यक की स्कूल में अध्ययनरत
ज्ञान के स्तर की बात करें तो बच्चों को यह भी पता नहीं है कि वह अंग्रेजी माध्यक की स्कूल में अध्ययनरत हैं। ये अलग बात है कि पुरानी कक्षाओं में यानी कक्षा 2 व 3 में अध्ययनरत कुछ बच्चों को शिक्षकों ने पुरानी पुस्तकें उपलब्ध करा दी है, लेकिन कक्षा-4 के बच्चे हिंदी माध्यम की पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

नाली सफाई के बाद कचरा उठाना भूल गए सफाईकर्मी
विद्यालय परिसर से गुजरने वाली नाली की गत दिनों नपा के सफाई कर्मचारियों ने सफाई की थी, लेकिन मलवे का उठाव अब तक नहीं किया, जिससे विद्यालय परिसर में दुर्गंध व्याप्त है। जिससे न सिर्फ बच्चे, बल्कि शिक्षक भी परेशान हैं।

शिक्षकों की व्यवस्था शासन स्तर से होनी थी। लगातार पत्राचार किया जा रहा है। रही बात पुस्तकें की तो रिपोर्ट के अनुसार, पुस्तकें स्कूलों में पहुंच चुकी हैं। मॉडल बेसिक में क्यों नहीं पहुंची, पता कराना पड़ेगा।
अरुण सिंह, एपीसी, जिला शिक्षा केंद्र सीधी