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छात्राओं को पोर्न मूवी दिखाने वाले शिक्षक के मोबाइल में मिला ये सब, मामला सुनकर महिला प्रभारी के उड़े होश

आदर्श स्कूल का मामला: शहर की आदर्श कन्या हाईस्कूल में बच्चियों को अश्लील वीडियो दिखाने के मामला गर्माता जा रहा है।

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Student-Teacher Relationships: teacher doing bad with student in sidhi

Student-Teacher Relationships: teacher doing bad with student in sidhi

सीधी। शहर की आदर्श कन्या हाईस्कूल में बच्चियों को अश्लील वीडियो दिखाने के मामला गर्माता जा रहा है। हालांकि, जिम्मेदार कार्रवाई की बजाय मामले में पर्दा डालना चाहते हैं। मंगलवार को कुछ विद्यार्थी संगठन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। तो स्कूल प्रशासन मामले को झुठलाने में लगा रहा। इस बीच पदाधिकारी ने शिक्षक का मोबाइल लेकर गैलरी देखी तो उसमें दर्जनभर अश्लील वीडियो सेव मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस भी बुला ली।

मौके पर पहुंची महिला डेस्क की टीम ने भी पूछताछ की, बच्चियों से आवेदन भी लिया, लेकिन कार्रवाई के लिए उन्हें परिजनों से शिकायत का इंतजार है। महिला डेस्क की प्रभारी आरधना सिंह ने कहा कि बच्चियों के परिजन ही नहीं चाहते की दोषी शिक्षक पर कार्रवाई हो। स्कूल प्रबंधन भी मामले में दबाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। सूत्रों की मानें तो कुछ सफेदपोश भी इसके लिए उन पर दबाव बना रहे हैं।

ये है पूरा मामला
शासकीय आदर्श कन्या हाईस्कूल में अध्ययनरत छात्राओं ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह के लिए स्कूल की 60 बच्चियों को पीटी व परेड के लिए रोजाना छत्रसाल स्टेडियम भेजा जाता था। सब बच्चों के जाने के बाद केवल पांच-छह बच्चियां ही शेष बचती थी। जिन्हें कक्षा में बैठकर स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक ने बुलाकर मोबाइल पर गंदी-गंदी फिल्में दिखाई जाती थी। यह क्रम करीब 10 दिनों तक चला। थक-हारकर लड़कियों ने घर जाकर अपने-अपने परिजनों को शिक्षक के कृत्य की जानकारी दी। टीचर की हरकत सुनकर महिलाएं आग-बबूला हो गई। तुरंत स्कूल पहुंचकर प्राचार्य को इसकी जानकारी दी। तब शिक्षक ने मोबाइल पर छात्राओं को गंदी फिल्म दिखाने की करतूत बंद की।

पुलिस आने के पहले ही भाग गया शिक्षक
एबीवीपी ने जैसे ही पुलिस को सूचित किया उक्त शिक्षक स्कूल से नदारद हो गया। पुलिस ने भी उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। अंतत: प्राचार्य को बुलाकर चर्चा की गई।

सादे कागज पर कराए छात्राओं के हस्ताक्षर
पत्रिका में समाचार प्रकाशन के बाद स्कूल के कुछ शिक्षकों ने छात्राओं से सादे कागज पर लिखवा लिया है कि उन्हें किसी शिक्षक ने गंदी फिल्में नहीं दिखाई। इस दौरान कुछ छात्राओं ने विरोध किया तो उन्हें डांट-डपटकर चुप करा दिया।