26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीधी

50 हजार से अधिक की आबादी के लिए बारिश के मौसम में होगी आवागमन की समस्या

सोन नदी के खैरा घाट में करोड़ों की लागत से बनी पुल मे एक्सटेंशन मार्ग का नहीं हो पाया निर्माण

Google source verification

सीधी। जिले में प्रशासनिक लापरवाही सिर चढक़र बोल रही है। जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत सोन नदी के खैरा घाट में करोड़ो की लागत से बनकर तैयार हो चुकी पुल में तीन वर्ष बाद भी आवागमन बहाल नहीं हो पाया है। इससे अंचल की करीब 50 से अधिक आबादी प्रभावित है। सूखे मौसम में पगडंडी मार्ग के सहारे लोगों का आवागमन हो जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में कीचड़ के कारण लोगों को 50 से 60 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। पुल के दोनों किनारों में एप्रोच मार्ग निर्माण नहीं होने से यह समस्या हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी एप्रोच मार्ग के निर्माण को लेकर बेपरवाह हैं।

बता दें कि सोन नदी के खैरा घाट में जिस पुल के बनने का दो दर्जन से अधिक गांव के लोग बीते करीब एक दशक से भी अधिक समय से इंतजार कर रहे थे, उसका निर्माण तो तीन वर्ष पहले हो गया, लेकिन लोगों को पुल से आवागमन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लिहाजा हनुमानगढ़ अंचल के दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों को अभी भी एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, थाना सहित जनपद व अन्य विभागों में जाने के लिए करीब पचास किमी की दूरी का चक्कर लगाना पड़ता है। जबकि इस नवनिर्मित पुल में आवागमन बहाल होने से जनपद मुख्यालय की दूरी महज 10 से 15 किमी हो जाएगी। इसके बावजूद जिम्मेदारों द्वारा पुल संपर्क मार्ग के निर्माण को लेकर तत्परता नहीं दिखाई जा रही है।

वर्ष 2013 में स्वीकृत हुई थी पुल-

हनुमानगढ़ अंचल के दो दर्जन से अधिक गांवों की जनपद, सिविल न्यायालय, तहसील, थाना सहित अन्य विभागों की दूरी कम करने के लिए क्षेत्रीय लोगों की मांग पर एक दशक पूर्व रामपुरनैकिन-घुंघुटा मार्ग में सोन नदी के खैरा घाट पर पुल निर्माण की कवायद शुरू हुई थी। वर्ष 2013 में इसका अनुमोदन हुआ और वर्ष 2013-14 में प्रशासकीय स्वीकृत 11.78 करोड़ की लागत से टेंडर के आधार पर पुल निर्माण की जिम्मेदारी विजय मिश्रा क्रांस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई थी। टेंडर के अनुसार 31 दिसंबर 2018 को पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन संविदाकार की लापरवाही सहित तकनीकी अड़चनों के कारण किसी तरह वर्ष 2021 में पुल का निर्माण तो पूरा हो पाया, किंतु दोनो किनारों के मुख्य मार्ग से पुल तक करीब डेढ़ किमी संपर्क मार्ग का निर्माण न होने से आवागवन बाधित है।

भू-अर्जन की कार्रवाई में पेंच-

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य मार्ग से पुल को जोडऩे के लिए खैरा गांव की ओर 260 मीटर तथा डिठौरा गांव की और करीब 900 मीटर संपर्क सडक़ का निर्माण किया जाना है। सडक़ का निर्माण पुल निर्माण के साथ ही टेंडर में शामिल है। लेकिन निजी भूमि होने के कारण भू-अर्जन संबंधी कार्रवाई पूर्ण न हो पाने से सडक़ का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। विभागीय अधिकारियों की माने तो खैरा गांव की ओर 260 मीटर सडक़ निर्माण के लिए भू-अर्जन की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है, लेकिन डिठौरा गांव की ओर भू-अर्जन कार्रवाई तकनीकि खामियों से अधर में लटकी है।

जो कार्य छ: माह में पूरा हो जाना चाहिए, वह तीन साल में शुरू ही नहीं हो पाया। प्रशासन की यह घोर लापरवाही है, जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे है। पुल हनुमागढ़ अंचल के लिए सौगात है, लेकिन पुल बने तीन साल हो गया, पहुंच मार्ग निर्माण पर ध्यान नहीं है।           

उमेश तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता

सोन नदी के खैरा घाट में पुल के दोनो ओर मुख्य मार्ग तक पहुंच मार्ग का निर्माण नहीं किया जा रहा है। इससे दोनो अंचल के लोगों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। पुल बनने के बाद भी लोगों का 60 से 70 किमी चक्कर लगाना पड़ता है।             राकेश दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता

खैरा घाट के सोन पुल तक पहुंच मार्ग का निर्माण न होना प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। विगत दिनों अपर कलेक्टर राजेश शाही के संज्ञान में मामला लाया गया है। उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों से इस मामले में बात की है। शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिये हैं।            

एड.अंबुज पांडेय, सामाजिक कार्यकर्ता

अधिग्रहण की कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के दिये गए हैं निर्देश-

मामला संज्ञान में आने पर संबंधित भू-अधिग्रहण व सेतु निर्माण के अधिकारियों से बात की गई है। भू अधिग्रहण में अवार्ड पारित हो चुका है, मुआवजा वितरण की कार्रवाई शेष है। यह कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के साथ ही सेतु निर्माण विभाग को अतिशीघ्र कार्य शुरू करने निर्देशित कर दिया गया है।            

राजेश शाही, अपर कलेक्टर सीधी