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गए थे बेटी का तिलक चढ़ाने, दहेज की रकम को लेकर हुआ विवाद तो पहुंच गए कोतवाली

तिलक में दहेज की राशि को लेकर कन्या व वर पक्ष में हुआ विवाद, तिलक के दौरान दहेज की राशि कम होने से नाराज हुआ वर पक्ष, होने वाले दामाद ने कर दी ससुर की पिटाई, कन्या पक्ष ने सिटी कोतवाली में दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने लिया जांच में

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Went to offer daughter's tilak, dispute over dowry money reached Kotwa

Went to offer daughter's tilak, dispute over dowry money reached Kotwa

सीधी। बेटी का तिलक चढ़ाने गए गुप्ता परिवार द्वारा तिलक चढ़ाने के दौरान दहेज के रूप में कपड़ो आदि के साथ 11 हजार रूपए थाल में रखने पर वर पक्ष के लोग नाराज हो गए और 51 हजार की राशि देने के लिए अड़ गए। कन्या पक्ष के लोगों ने कहा कि पहले तो आप लोगों द्वारा कोई मांग नहीं की गई थी, ऐसे में हम तत्काल इतनी बड़ी राशि की व्यवस्था नहीं कर सकते, हमे कुछ समय दीजिए, हम 51 हजार रूपए दे देंगे। इससे वर पक्ष के लोगों की नाराजगी और बढ़ गई, तथा होने वाले दामाद व उसके छोटे भाई ने ससुर के साथ हाथापाई शुरू कर दी। बीच-बचाव करने गए अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की गई, कन्या पक्ष के लोगों ने घटना की सूचना डायल 100 पुलिस को दी, तब पुलिस ने मौके पर पहुंच कर विवाद शांत कराया। पूरे मामले की लिखित शिकायत कन्या पक्ष के लोगों द्वारा सिटी कोतवाली में की गई है।
सिटी कोतवाली में दिए गए शिकायती आवेदन में पुलिस चौकी सेमरिया अंतर्गत ग्राम पोंड़ी निवासी नर्वदा प्रसाद गुप्ता ने बताया कि अपनी बच्ची लक्ष्मी का विवाह सीधी शहर के वार्ड क्रमांक-२१ अमहा ऊंची हवेली में विमलेश प्रसाद अग्रहरी के बच्चे रवींद्र अग्रहरी के तय किए थे, 16 फरवरी को अपनी बच्ची लक्ष्मी का तिलक चढ़ाने के लिए सीधी के मड़रिया में स्थित अशोका गार्डन में आए थे, तिलक का कार्यक्रम यहीं सुनिश्चित हुआ था। तिलक का कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद हम जब थाली में पैसा रखने का रश्म के रूप में 11 हजार रूपए व फल-फूल के साथ परिवार के 18 लोगों के लिए कपड़ा आदि थाली में सजाकर सभी सामग्री लड़का रवींद्र के हांथो में दिया गया। तब रवींद्र के पिता द्वारा सभी सामग्री अंदर भिजवा दी गई, इसके बाद रवींद्र की मां ने नर्वदा प्रसाद व उनके पिता को अंदर बुलाया, जिस पर नर्वदा प्रसाद व उसके पुत्र बाल्मीक गुप्ता जब अंदर गए तो रवींद्र की मां कहने लगी की ११ हजार रूपए जो तिलक में दिए हैं, उससे हमारी बेइज्जती हो रही है, 11 हजार को 51 हजार करके दीजिए, जिस पर बाल्मीक गुप्ता ने कहा कि अभी मेरे पास 51 हजार की व्यवस्था नहीं है, पैसे की कोई बात नहीं हुई थी, हम अपनी खुशी में 11 हजार रूपए दिए है, लेकिन आप ५१ हजार रूपए मांग रहें हैं तो कुछ दिनों की मुहलत दे दीजिए व्यवस्था करके पूरा कर देंगे। इसी दौरान रवींद्र तथा उसके छोटे भाई ने पीछे से बाल्मीक पर हमला कर दिया, और लड़ाई करते हुए मारने लगे। इस दौरान कुछ लोग बीच बचाव करने गए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। घटना देख तिलक चढ़ाने गए परिवार के अन्य लोंगों ने बीच बचाव किया। घटना की सूचना पीडि़त परिवार द्वारा डायल 100 को दी गई, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची डायल 100 पुलिस ने विवाद शांत कराया, इसके बाद पीडिुत नर्वदा प्रसाद गुप्ता ने सिटी कोतवाली में शिकायती आवेदन के माध्यम से जो भी तिलक में सामान दिया गया है उसे वापिस कराए जाने तथा मारपीट करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत आवेदन के आधार पर पुलिस मामले को जांच में ले लिया है।