16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

World Laughter Day: हास्य के दम पर दुनिया में छाया MP का सितारा, ये हैं अविनाश के चर्चित वीडियो

World Laughter Day: हास्य के दम पर दुनिया में छाया MP का सितारा, सोशल मीडिया बना सहारा

3 min read
Google source verification
World Laughter Day: comedian avinash tiwari sidhi

World Laughter Day: comedian avinash tiwari sidhi

सीधी। महज नौ माह के भीतर विंध्य से निकलकर देश-विदेश तक हास्य कलाकार के रूप में पहचान बना चुके अविनाश तिवारी की शुरुआती राह आसान नहीं थी। सीधी जिले के छोटे से गांव खजुरी निवासी अविनाश (23) सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनके सपने बड़े थे। अभिनय का शौक बचपन से ही था। लिहाजा, गांव में छोटे-मोटे कार्यक्रम 15 वर्ष की उम्र से करने लगे थे। उनका अभिनय भी लोगों को खूब पसंद आता था।

गत वर्ष वे लाफ्टर चैलेंज के लिए ऑडीशन देने मुंबई गए थे, लेकिन पांचवें राउंड में बाहर होना पड़ा। यही उनके कैरियर का टर्निंग प्वाइंट था। मुंबई से लौटकर वे निराश तो हुए, लेकिन शांत नहीं बैठे। सोशल मीडिया को माध्यम बनाया और अपनी कला को लोगों तक पहुंचाने लगे। चंद महीने में ही उनके बनाए वीडियो देश-विदेश में भी चर्चित हो गए। कई विदेशी फैन्स हैं, जो अलग-अलग विषय पर वीडियो बनाने का अनुरोध करते हैं।

सोशल मीडिया बना मंच
रामलीला के मंच से निकलकर सोशल मीडिया के स्टार बने अविनाश बताते हैं कि आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हास्य कला का अहम स्थान हैं। तमाम सुख-सुविधाओं के बावजूद ज्यादातर लोग मानसिक तनाव में रहते हैं। हमारे वीडियो न सिर्फ लोगों का मनोरंजन करते हैं, बल्कि किसी न किसी प्रकार संदेश भी देते हैं। उन्होंने बाताया कि यूट्यूब पर अपलोड किए गए हास्य वीडियो को 24 घंटे में एक लाख से ज्यादा लोग देख लेते हैं। देश के विभिन्न प्रांतों के अलावा विदेशों में भी काफी प्रशंसक हैं। उनकी मांग पर मंचीय प्रस्तुतियां देने लगा हूं। सीधी, सिंगरौली, सतना व रीवा में कई कार्यक्रम हो चुके हैं।

ये हैं चर्चित वीडियो
अविनाश तिवारी ने 5 से अधिक हास्य वीडियो यू-ट्यूब में अपलोड किए हैं। इनमें 'तिवारी आशिक' सर्वाधिक पसंद किया गया। गत वर्ष जनवरी में अपलोड किए गए इस वीडियो को एक मिलियन से ज्यादा लोगों ने देखा। विंध्य क्षेत्र का यह पहला बघेली वीडियो है, जो मिलियन पार गया। इसके अलावा मलकिन उपासे हईं भाग-1 और भाग-2, टायलेट एक व्यथा, पेनिसलीन की खोज, हमहूं भारत बंद करब, किल्लत पानी के, दतनिपोर देवर, बइकल कुछ युवा आज हैं, किस्सा तिवारी के, टॉपर पकड़ा गया, वाह रे हमार वाली, हेलमेट एक पहल, वाह रहे नेता जी, भैंसिहार आशिक आदि चर्चित वीडियो हैं।

बघेली को नहीं छोड़ूंगा
पत्रिका से चर्चा के दौरान इस सवाल पर की सारे हास्य वीडियो बघेली बोली में ही क्यों, अविनाश ने कहा कि यह हमारी मातृभाषा है, और इसे देशभर में पहचान दिलानी है। इसीलिए सारे वीडियो बघेली में बनाए जा रहे हैं। सिर्फ बघेली के सहारे बड़े कलाकार के रूप में उभर पाने के सवाल पर अविनाश ने कहा, आज भोजपुरी पर बनाई गई फिल्में व गाने देशभर में पसंद किए जा रहे हैं। उसी तर्ज पर काम शुरू किया है। मुझे यकीन है कि इसी बोली के दम पर मुझे भी पहचान मिलेगी।

स्क्रिप्ट, डायलॉग व डायरेक्शन खुद का
अविनाश ने बताया खजुरी की रामलीला मंडली सीधी ही नहीं बल्कि पूरे विंध्य में चर्चित है। इसमें पिता, चाचा, भाई सहित परिवार के अन्य सदस्य मंचन करते थे। मुझे भी यहीं से सीखने को मिला। इसके अलावा मुंबई में एक प्रोड्यूसर ने सोशल मीडिया में वीडियो अपलोड करने की सलाह दी थी। जिसके बाद खुद स्क्रिप्ट लिखता हूं। डायलॉग व डायरेक्शन भी मेरा ही रहता है। वीडियो बनाने से लेकर लोगों तक पहुंचाने का पूरा काम खुद से करना पड़ता है।

पेंसिलीन की खोज ने दिलाई पहचान
अविनाश ने बताया मुंबई में लौटने के बाद पहला हास्य वीडियो 17 जुलाई 2017 को 'पेनिसलीन की खोज' बिहार के टॉपर पर आधारित बनाया था। उसे फेसबुक व वाट्सएप ग्रुप पर अपलोड किया। बघेली में बने इस वीडियो को लोगों ने खूब पसंद किया। इसके बाद एक के बाद एक कई चर्चित वीडियो बनाए, जिन्हें सोशल मीडिया में खूब सराहा गया। इनमें अश्लीलता भी नहीं रहती। लिहाजा, लोग परिवार के साथ भी देख पाते हैं। अब आगे कॉमेडी फिल्म बनाने की सोच रहा हूं।