
परीक्षा से पहले फोटो कॉपी की दुकान पर दिखे 10वीं-12वीं के प्रश्न पत्र
सीकर/पाटन. जिला समान परीक्षा योजना में शिक्षा विभाग की ढील पोल के बाद गुरुवार को परीक्षा की पारदर्शिता की धज्जियां उड़ा दी गई। पाटन में 10वीं और 12वीं के प्रश्न पत्र खुलेआम फोटो स्टेट की दुकानों पर देखे गए। जहां परीक्षा के तय समय तक शिक्षक से लेकर स्कूल संचालक तक उनकी फोटो कॉपी कराते रहे। तय समय और संख्या में प्रश्न पत्र नहीं पहुंचने और नोडल केंद्र की लापरवाही से ऐसा हुआ। जिससे बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा मजाक बनने के साथ परीक्षार्थी और शिक्षकों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई।
परीक्षा के समय प्रश्न पत्र की होती रही फोटो कॉपी
जिला समान परीक्षा योजना के तहत गुरुवार को दूसरी पारी में कक्षा 10 और 12 का अनिवार्य हिंदी की परीक्षा थी। पाटन में नोडल केंद्र जगन्नाथ दीवान राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल से यह प्रश्न पत्र 9 निजी स्कूलों को मिलने थे। लेकिन, जब स्कूल संचालक नोडल केंद्र पहुंचे तो जिला मुख्यालय से प्रश्न पत्र नहीं मिलने की बात कही गई। करीब आधे घंटे बाद कक्षा 10 के प्रश्न पत्र तो मौके से ही दे दिए गए, लेकिन वह छात्र संख्या के अनुपात में कम दिए गए। वहीं, कक्षा 12 के प्रश्न पत्र बस स्टेंड स्थित एक फोटो कॉपी की दुकान से लेने को कहा गया। जहां पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद उसी स्कूल के दो शिक्षकों ने खुले लिफाफे में एक- एक प्रश्न पत्र स्कूल संचालकों को पकड़ा दिया। ऐसे में परीक्षा के लिए स्कूल संचालक अपने स्तर पर 10वीं और 12वीं परीक्षा के प्रश्न पत्र फोटोकॉपी कराते रहे। पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग गया। जिससे इन स्कूलों में परीक्षा आधे से पौन घंटे देरी से हुई। जिससे परीक्षार्थी भी खासे परेशान हुए।
रद्द हो चुकी एक परीक्षा
प्रश्न पत्र समय पर नहीं पहुंचने पर जिला समान परीक्षा योजना की पहली परीक्षा पहले ही स्थगित हो चुकी है। 12 दिसंबर को होने वाली में प्रिंटिंग फर्म से समय पर प्रश्न पत्र नहीं मिलने पर यह परीक्षा स्थगित की गई थी। जो अब रविवार को तय की गई है।
विभाग की लापरवाही
पूरे प्रकरण में शिक्षा विभाग से लेकर नोडल केंद्र तक की लापरवाही सामने आई है। दरअसल नोडल केंद्र को कल ही प्रश्न पत्र मिल गए थे। लेकिन, ना तो विभाग की ओर से उनके छात्र अनुपात के मुताबिक होने की पुष्टि की गई और ना ही नोडल केंद्र ने उनकी जांच की। ऐसे में परीक्षा के ऐन वक्त पर उन्हें संभाला गया, तो परीक्षा की सारी पारदर्शिता तार तार हो गई।
शिक्षा अधिकारी को पता ही नही
फोटो कॉपी करवाकर प्रश्न पत्र वितरित होने की जानकारी नहीं है। अगर वास्तव में ऐसा हुआ है तो गंभीर मामला है। जिस पर कार्रवाई की जाएगी।
मुकेश मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी, सीकर
Published on:
14 Dec 2018 01:09 pm
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