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पापा का आशीर्वाद लेकर परीक्षा देने गया, पेपर में छह प्रश्न छूटें तो 12वीं के छात्र ने छह मंजिल से लगाई छलांग, टूट गया पिता का सपना

पहले तो पेपर फाड़ा और इसके बाद नीचे छलांग लगा दी। नीचे पड़ौस की छत पर छह मंजिल से गिरने पर बोर्ड के इस विद्यार्थी की मौके पर ही मौत हो गई।

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पहले तो पेपर फाड़ा और इसके बाद नीचे छलांग लगा दी। नीचे पड़ौस की छत पर छह मंजिल से गिरने पर बोर्ड के इस विद्यार्थी की मौके पर ही मौत हो गई।

पापा का आशीर्वाद लेकर परीक्षा देने गया, पेपर में छह प्रश्न छूटें तो 12वीं के छात्र ने छह मंजिल से लगाई छलांग, टूट गया पिता का सपना

सीकर.

12वीं की परीक्षा देने जाने से पहले हंसमुख छात्र संदीप ने सुबह अपने पिता का आशीर्वाद लिया। इसके बाद पूरे परिवार के साथ बैठ कर चाय-नाश्ता किया। लेकिन, समय पूरा हो जाने पर पेपर में जब उसके छह प्रश्न छूट गए तो घर जाने के बजाय छात्र पड़ौस में स्थित सूनी छह मंजिला इमारत की छत पर पहुंचा। यहां पहले तो पेपर फाड़ा और इसके बाद नीचे छलांग लगा दी। नीचे पड़ौस की छत पर छह मंजिल से गिरने पर बोर्ड के इस विद्यार्थी की मौके पर ही मौत हो गई। इधर, घटना के बाद कॉलोनी वालों ने सूनी पड़ी खुली बहुमंजिला इमारत का विरोध जताया और इसको पूरी तरह से सीज नहीं करने पर गिरा देने की चेतावनी दी। चंदपुरा श्यामनगर में रहने वाला संदीप कुमावत 12वीं विज्ञान का छात्र था। जो सोमवार को फिजिक्स का पेपर देने स्कूल बस से परीक्षा केंद्र तासर पहुंचा था। यहां पेपर देने के बाद स्कूल बस के चालक ने वापस उसे स्कूल के गेट के पास छोड़ दिया था। लेकिन, छात्र संदीप स्कूल या घर जाने के बजाय सीधा नजदीक स्थित छह मंजिला भवन की छत पर पहुंचा। आयकर विभाग के पास स्थित इस भवन की छत पर छात्र संदीप ने कुछ वक्त बिताया। पेपर टफ और खराब हो जाने पर अवसाद को दूर करने के लिए उसने यहां जूते-जुराब खोले। ताकि रिलेक्स महसूस होने के बाद वह घर जा सके। लेकिन, परीक्षा समय के दौरान पूरा पेपर हल नहीं कर सकने और छह प्रश्न छूट जाने पर तनाव कम नहीं हुआ। पेपर खराब हो जाने पर यहां पहले तो उसने जेब में रखे फिजिक्स पेपर के टुकड़े-टुकड़े किए और इसके बाद अचानक छह मंजिल से छलांग लगा दी। हवा में लहराता हुआ भवन के पास ही स्थित पड़ौस की छत पर जा गिरा। यहां सिर से खून और शरीर की हड्डियां टूट जाने से कुछ ही पलों मे उसने दम तोड़ दिया। इधर, पड़ौस की छत पर धमाका हुआ तो उसके नीचे बैठे लोग भी आवाज सुनकर डर गए। वें दौडकऱ छत पर पहुंचे यहां संदीप लहु-लुहान हालत में मृत पड़ा था। छत पर लावारिस शव देखकर सब डर गए और घटना की सूचना बाकी पड़ौसियों को दी गई। इसके आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल से साक्ष्य जुटाकर संदीप का शव पोस्टमार्टम के लिए एसके अस्पताल भिजवाया। यहां संदीप के पिता सुरेश का कहना था कि अच्छे पेपर की उम्मीद में वह राजी-खुशी स्कूल के लिए घर से निकला था। इससे पहले पूरे परिवार के साथ बैठकर नाश्ता किया और जाने से पहले कहा कि वह परीक्षा देने स्कूल जा रहा है उसे, आशीर्वाद दीजिए। लेकिन, उन्हें क्या पता था कि पैर छूकर जाने वाले बेटे का शव उसी को अपने हाथों में उठाना पडेग़ा।

पढऩे में था होशियार
मृतक के पिता सुरेश के अनुसार संदीप हंसमुख स्वभाव का था और पढ़ाई में होश्यिार था। 10वीं में भी उसके 86 फीसदी अंक आए थे। पढ़-लिख कर वह इंजीनियर बनना चाह रहा था और चार बहन-भाइयों में वह सबसे छोटा था। उसका बड़ा भी राजेश भी कम्प्यूटर इंजीनियर बनने के लिए बीसीए कर रहा है। सुरेश खुद लोगों के कपड़े सिलकर इनको पढ़ा रहा था।


तीन साल में चौथा हादसा
घटना के बाद धमाका होने पर आस-पास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय निवासी नीलम व पवन का कहना था कि कॉलोनी में यह छह मंजिला इमारत चार-पांच सालों से सूनी पड़ी है। छत तक जाने का रास्ता खुला होने के कारण हर कोई यहां तक पहुंच जाता है। नगर परिषद को इस सूनी इमारत को पूरी तरह से सील कर देना चाहिए। इससे पहले भी इमारत से गिरने पर सेना भर्ती में आए एक अभ्यर्थी की मौत हो चुकी है और दो गिरकर घायल हो चुके हैं।

चौथी मंजिल से गिरी थी छात्रा
दिसंबर में सालासर रोड स्थित शिक्षण संस्थान में चौथी मंजिल से गिरने के कारण कक्षा 12वीं की छात्रा दीक्षा माथुर की मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों के अनुसार घटना की जांच पुलिस अभी तक पूरा नहीं कर पाई है। जबकि उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी कब की पुलिस को मिल चुकी है। मामले में लीपापोती बरती जा रही है।


निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक संदीप के परिजनों का कहना है कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। ऐसे में वह छह मंजिला भवन से वह गिरा है या फिर उसे गिराया गया है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। क्योंकि घटना स्थल पर उसके जूते व जुराब खोले हुए मिले हैं। संदीप के गिरने की खबर भी उनको निजी स्कूल के स्टाफ से मिली थी।

परिजनों की रिपोर्ट पर संदीप की मृग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मौके पर सुसाइड नोट और संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। फटा हुआ परीक्षा का पेपर मिला है। जिसके छह प्रश्न छूट जाने पर छात्र अवसाद में आकर नीचे कूद गया था। -सौरभ तिवाड़ी, सीओ सीटी सीकर